विषय – झांसी में अधिकारियों के सहयोग धड़ल्ले से चल रहे अवैध नर्सिंग होम्स। कोई नहीं है पुरसा हाल नहीं।

बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में धडल्ले से कार्य कर रहे अवैध नर्सिंग होम्स के विरुद्ध झांसी विकास प्राधिकरण कार्यालय के गेट पर धरना दिया गया।

झांसी में धड़ल्ले से बिना नक्शा पास करवाए एवं गैर भू उपयोग वाली भूमि पर निर्माण कर अवैध नर्सिंग होम्स कार्य कर रहे है।बिना अग्नि शमन की नर्सिंग होम के लिए बनी नियमावली के विपरीत मात्र छोटा सा यन्त्र लगवाकर अग्नि शमन विभाग अनुमति पत्र जारी कर रहा है। प्रदूषण विभाग को कोई लेना देना नही है कि चिकित्सीय अपशिष्ट को कैसे और कहां नष्ट किया जाए तथा नर्सिंग होम में प्रदूषण की स्तिथि कैसी है ये जांच की ही नहीं की जाती।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कैसे अनुमति जारी कर अवैध नर्सिंग होम्स का संचालन करवा रहे है इन सभी गंभीर विषयों पर अनेक बार मुख्यमंत्री, मंडल आयुक्त एवं जिला अधिकारी से शिकायत करने पर जांच के नाम पर जांच करके शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

अनेक बार आयुक्त, जिला अधिकारी, नगर मैजिस्ट्रा संबंधित अधिकारियों को नर्सिंग होम बनाने के लिए नियमावली, अभी तक कार्यरत नर्सिंग होम्स को उनके विभाग द्वारा दिए गए नोटिस एवं कृत कार्यवाही की कॉपी मोर्चा अध्यक्ष को उपलब्ध करा दी जाए परन्तु वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अव्हेलना कर अपनी जेब भरने में लगे इन अधिकारियों ने कागज आठ माह गुजरने के बाद भी नहीं दिए जिस कारण प्राइवेट नर्सिंग होम्स इतनी कमियों के बाबजूद धडेल्ले से कार्य कर रहे है।

आज जब कागज लेने सचिव झांसी विकास प्राधिकरण के पास मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय महामंत्री अशोक सक्सेना, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, हनीफ खान, प्रदीप झा, जिला अध्यक्ष अनिल कश्यप, गोलू ठाकुर, राहत कुरैशी, अभिषेक तिवारी, राजेश लोहिया, जावेद खान आदि पहुंचे तो कोई संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण विकास प्राधिकरण के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ कर नारे बजी करने लगे।

धरने पर बैठे मोर्चा के योद्धाओं से अनेक बार प्राधिकरण ने बात करने की कोशिश कि जिसे मोर्चा बार बार ठुकराता रहा अंत में प्राधिकरण सभी दस्तावेज 15 दिन के भीतर उपलब्ध करा देगा। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।

भानू सहाय अध्यक्ष

बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा

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