बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर ने नशे को गुलामी का प्रतीक बताया…ज्योति बाबा
अंबेडकर ने कहा कि नशा परिवार को लाचार और बच्चों का भविष्य करता बर्बाद.. ज्योति बाबा
कानपुर। डॉ भीमराव अंबेडकर ने नशे शराब ड्रग्स गांजा ,तंबाकू,सिगरेट इत्यादि को समाज के दबे कुचले वर्गों की बर्बादी और गुलामी का प्रमुख कारण माना,उन्होंने स्पष्ट कहा कि शोषक वर्ग समाज को नशे में डुबा कर रखना चाहता है ताकि तुम संगठित ना हो सको। बाबा साहब ने शिक्षा,संगठन और संघर्ष के साथ नशा त्यागने पर जोर दिया उपरोक्त बात सोसाइटी योग ज्योति इंडिया व हिंदू जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति युवा भारत अभियान के तहत अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित ई-संगोष्ठी शीर्षक क्या नशे में डूबा समाज स्वास्थ्य क्रांति कर सकता है पर अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख,एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी योग गुरू ज्योति बाबा ने कही,श्री ज्योति बाबा ने कहा कि बाबा साहब ने दलित और पिछड़े समाज से अपील की थी कि वह शराब जैसी आदतों को छोड़कर अपने बच्चों को शिक्षित करें। उससे पूर्व जलियांवाला बाग हत्याकांड के उन अमर शहीदों को सभी के द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। इस अवसर पर अन्य प्रमुख महानभाव डॉक्टर सुलोचना दीक्षित,राकेश गुप्ता सुश्री गीता,श्रवण कुमार,शिवम,डॉक्टर आर सी शर्मा इत्यादि थे।
