घाटमपुर में दहेज हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपित पति को दोषी मानते हुए 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। वहीं साक्ष्य के अभाव में उसके स्वजन को दोषमुक्त कर दिया गया।
घाटमपुर के कनकपुर निवासी कमलेश ने 10 मई 2015 को घाटमपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया कि उसकी बहन रामबेटी जिसका विवाह उसने वहीं के बारीगांव निवासी मुकेश संग किया था उसकी जलाकर हत्या कर दी गई है। पति व ससुराली जन दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। मामले में मुकेश के अलावा, उसके पिता रमाकांत, सास शशि व देवर राहुल को मुकदमे में नामजद किया था। सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश निजेंद्र कुमार के न्यायालय में चल रहा था। मामले में सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय व शशिभूषण सिंह चौहान व बचाव के पक्ष जोरदार बहस हुई। अभियोजन ने साक्ष्य प्रस्तुत किए और आरोपित को कड़ी सजा की मांग की। प्रदीप पांडेय व शशिभूषण सिंह ने बताया कि इस पर कोर्ट ने अभियुक्त मुकेश को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया, इसे न अदा करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। वहीं बाकी स्वजन को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया।
