कानपुर में एक साथ गरजे एक दर्जन बुलडोजर, खाली हुई केडीए की 12 करोड़ रूपये की जमीन

कानपुर के बिनगवां की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों को गुरुवार केडीए ने ढहा दिया। एक दर्जन बुलडोजर के साथ पहुंची केडीए की टीम ने नए निर्माण को गिराया तो वहीं पुराने बने मकानों के बाहर नोटिस चस्पा कर जल्द मकान खाली करने के निर्देश जारी कर दिए। इस तरह केडीए ने 12 करोड़ रुपये की जमीन खाली कराई है। यहां करीब दस बीघा जमीन पर 88 लोगों को रियल स्टेट कंपनी ने गलत तरीके से कब्जा करा दिया था जिसमें कई लोगों ने तीन से चार मंजिला मकान बना लिए हैं। रियल स्टेट कंपनी पर भूमाफिया और गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।

बिधनू के बिनगवां गांव की दस बीघा से अधिक की जमीन अरबन सीलिंग घोषित है। बावजूद इसके रियल स्टेट कंपनी और राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से यहां लोगों को भूखंड पर कब्जे करा दिए गए। सरकारी जमीन की खरीद फरोख्त में शामिल कर्मचारियों पर हमले के बाद इस मामले में तूल पकड़ा जिसके केडीए उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने इस पर एक्शन लिया। उनके नेतृत्व में गुरुवार को केडीए का अमला विशेष कार्याधिकारी सत शुक्ल और अवनीश सिंह की अगुवाई में बिनगवां पहुंचा। आराजी संख्या 317, 318, 319, 320, 321 और 322 पर निर्माणाधीन और नए बने मकानों पर बुलडोजर गरजने लगा तो चार घंटे में केडीए ने यहां करीब 12 करोड़ रुपये की चार बीघा जमीन को खाली करा ली। चूंकि यहां रियल स्टेट कंपनी वीएसीएल ने लोगों को कब्जे कराए थे लिहाजा उनके कर्मचारी बुलडोजर के आगे खड़े हो गए लेकिन भारी फोर्स के चलते ज्यादा देर तक लोग विरोध नहीं कर सके।

पुलिस ने जमीन पर लाठियां पटक कर भीड़ को खदेड़ दिया। इसके बाद दस्ते ने करीब 45 निर्माणाधीन मकान और बाउंड्री वाल गिरा दी। अधिकारियों ने बताया कि रियल स्टेट कंपनी द्वारा अन्यत्र स्थित आराजियों को विक्रय कर आम जनता कोग कब्जा प्राधिकरण स्वामित्व की जमीनों पर दिया जा रहा था। जिस पर अभियान चलाया गया है। अवैध प्लाटिंग करने वाली कंपनी वीएसीएल को भू-माफिया घोषित करते हुए मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही गुंडा एक्ट और गैंगेस्टरएक्ट के तहतभी कार्यवाही की जा रही है। ध्वस्ती करण अभियान में केडीए का अभियंत्रण, प्रवर्तन एवं भूमि बैंक विभाग के अफसर तहसीलदार सदर, नायब तहसीलदार (सदर) भी मौजूद रहे।

लोगों ने किया हंगामा, सख्ती के आगे नहीं जुटा सके हिम्मत

केडीए के दस्ते को देखकर क्षेत्रीय लोगों ने विरोध किया लेकिन पुलिस ने सभी को पीछे कर दिया। इसी दौरान एक महिला भी बुलडोजर के सामने आकर खड़ी हो गई जिसके बाद ड्राइवर ने बुलडोजर रोक दिया। महिला को हटाने के बाद बुलडोजर फिर शुरू हो गया। प्लाट संख्या सी-43 में रहने वाली अनीता देवी ने बताया कि वह बाजार गईं थीं। घर में ताला लगा था जिसे तोड़कर मकान गिरा दिया गया। अभियान खत्म होने के बाद यहां निर्माण करने वालों ने थाने में भी तहरीर देने की बात कही।

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