

वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई जी के किले की पहाड़ी (नींव) पर पुरातत्व एक्ट के विरुद्ध कराए जा रहे अवैध निर्माण के विरोध में किले की पहाड़ी पर दिए जा रहे धरने के पांचवे दिन रघुराज शर्मा, डॉ. सुनील तिवारी, गिरजा शंकर राय, अनिल कश्यप, विजित कपूर, हनीफ खान, कुँवर बहादुर आदिम, गणेश शर्मा, पवन, कलाम कुरेशी आदि ने आकर समर्थन दिया।
धरना दे रहे मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय ने की उद्देश्य की पूर्ति के लिए कभी पीछे मुड़कर नही देखना चाहिए कि कौन साथ दे रहा है और कौन नही। दृढ़ इक्षाशक्ति और संकल्प के साथ संघर्ष करते रहिए, कामयाबी सौ प्रतिशत प्राप्त होगी।
बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा की 31 मई को धरना स्थल पर कोर कमेटी की बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि महारानी के किले की पहाड़ी को पुराने स्वरूप में लाने के लिए क्या रणनीति अपनाई जाए।
मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय ने कहा कि न्यायालय जाने के अतिरिक्त भी संघर्ष को धार कैसे दी जाए या कोर कमेटी में तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग महारानी की धरोहर बचाने में सहयोग नही कर सकते तों उन्हें 18 जून को महारानी के बलिदान दिवस पर दीपदान नही करना चाहिए।
मोर्चा ने यह संकल्प लिया है कि किले की पहाड़ी का स्वरूप जब तक पहले जैसा नही हो जाएगा शांत नही बैठेंगे।
भवदीय
भानू सहाय अध्यक्ष
बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा

