‘‘जल संरक्षण है एक संकल्प, नही है इसका कोई विकल्प‘‘


कानपुर नगर, दिनांक 22 जुलाई, 2021
भू-जल सप्ताह के अन्तर्गत भूगर्भ जल संचयन, संरक्षण एवं जल की उपयोगिता संबंधी गोष्ठी का आयोजन आज नगर निगम के सभागार में अपर नगर आयुक्त श्री भानु प्रताप की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। इस गोष्ठी में अपर नगर आयुक्त ने ‘‘जल संरक्षण है एक संकल्प, नही है इसका कोई विकल्प‘‘ मुख्य विचार बिन्दु पर प्रकाश डालते हुये कहा कि प्रकृति के द्वारा दिये गये संसाधन जैसे जल, आक्सीजन, पर्यावरण आदि वस्तुयें अमूल्य हैं इन्हें नई पीढी के लिये बचाकर रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भूगर्भ जल के अति दोहन को तत्काल रोकना होगा तथा जल संरक्षण व संचयन के लिये जागरुकता के साथ सामूहिक रुप से कार्य करने होंगे। इसके लिये सभी विभाग मिलकर समेकित प्रयास करें और भूगर्भ जल को अति दोहन होने में अंकुश लगाकर एवं उसका सदुउपयोग कर बचायें। उन्होंने कहा कि तलाबों एवं कुओं को संरक्षित व सुरक्षित करने तथा वर्षा के जल संचयन हेतु रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का उपयोग करने पर जोर दिया। इसके साथ ही कृषि सिचाई कार्यो मे नई तकनीकि को अपनाकर स्प्रिकंलर सिचाई की व्यवस्था आदि करने, शहरीकरण व औद्योगिकीकरण प्रयुक्त जल को शोधन के पश्चात पुनः प्रयोग किये जाने आदि महत्वपूर्ण कार्यो को भी करना होगा।
गोष्ठी में भूगर्भ जल विभाग के अधिकारी ने बताया कि गिरते भू-जल स्तर तथा उस पर आसन्न संकट को दृष्टिगत रखते हुये भूगर्भ जल बढाने के लिये जल की बचत करना व जल का दोहन रोकना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भूगर्भ जल स्तर गिरने के कारण कई स्थानों में भूगर्भ जल निचले स्तर पर जा रहा है जिस पर चिन्तन करने की आवश्यकता है। उन्होंने जल संचयन हेतु नये तलाबों का निर्माण, रिचार्ज कूप, फालतू जल हेतु रिचार्ज पिट बनाये जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है, इस बरसात में धरती को पानी लौटायें, जल की एक-एक बूंद बचाने का हम सभी संकल्प लें। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा के घरेलू कार्यो मंे जल की बचत करना आवश्यक है। इसके साथ ही बरसात में खेत का पानी खेत में एकत्र करने के लिये खेत पर मेड़ और मेड़ पर पेड़ लगायें। पोखर एवं कुओं का जीर्णोद्वार कर वर्षा जल संचयन करें। उन्होंने कहा कि बहुमूल्य जल को बचाने के लिये नल या टोटी लिकेज की अनदेखी न करें, खुले झील-तलाबों में कूड़ा कचरा न फेंके, वाहनों/कपड़ो को धोने, नहाने आदि में जल की बर्बादी न करें, बाग-बगीचे में फब्बारे से पानी दें। वर्षा जल संचयन के लिये घर के लॉन को कच्चा रखें तथा वाटर पार्क में प्रयुक्त होने वाले जल का उपचार/शोधन करके बार-बार में प्रयोग में लायें।
गोष्ठी में श्री एस0के0सिंह, मुख्य अभियंता नगर निगम, श्री अवधेश भाष्कर एवं श्री विनोद पाण्डेय, अभियंता भूगर्भ जल विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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