कन्नौज। सावन माह में अमावस्या पर गंगा स्नान के दौरान डूबते मासूम भतीजे को बचाने के प्रयास में बुआ भी डूब गई। बुआ-भतीजे को गंगा में डूबता देखकर किनारे पर लोगों ने शोर मचाया। इससे पहले दोनों गंगा की लहरों में समा गए। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से गंगा नदी में दोनों की तलाश शुरू कराई है। वहीं पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया है।
बीते दिनों हुई बारिश और पहाड़ों पर लगातार जारी वर्षा के चलते इन दिनों गंगा नदी उफान पर चल रही हैं। गंगा किनारे के गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है और सभी घाट डूब चुके हैं। गुरसहायगंज की चौकी नौरंगपुर के गांव सराय निवासी अमरनाथ दुबे की 28 वर्षीय पुत्री रुपम सावन महीने में मायके आई थी। रविवार को अमावस्या पर्व पर 10 वर्षीय भतीजे आशू पुत्र संतोष दुबे को लेकर वह सुबह लगभग 8 बजे गंगा स्न्नान के लिए गई थी ।
गंगा नदी में पानी का बहाव तेज था और बुआ-भतीजे किनारे पर स्नान कर रहे थे। इस बीच आशू अचानक गंगा की तेज लहरों में डूबने लगा उसे डूबता देख रुपम ने उसे बचाने का प्रयास किया और दोनों तेज धारा में बह गए। किनारे पर मौजूद लोगों और स्वजन की चीख पुकार सुनकर आसपास से ग्रामीण आ गए। सूचना पर नौरंगपुर चौकी प्रभारी अरुण कुमार पहुंचे और स्थानीय गोताखोरों की मदद से गंगा नदी में बुआ-भतीजे की तलाश शुरू कराई। चौकी प्रभारी ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया है, स्वजन ने जानकारी दी है कि रूपम की शादी वर्ष फरवरी 2019 में हरदोई जनपद के गांव सकरौली निवासी विनीत के साथ हुई थी।
