फतेहपुर में कालिंदी ने भी धारण किया रौद्र रूप, चार घर यमुना में समाए

फतेहपुर की कालिंदी में अब बाढ़ का पानी रौद्र रूप ले रहा है। रविवार की सुबह पल्टू पुरवा में पानी रोकने के लिए बोरियां लगाकर बनाया गया बंधा देर शाम ओवरफ्लो हो गया जिससे गांव में पानी तेजी से घुसने लगा । एसडीएम प्रमोद झा के नेतृत्व में पीएसी की फ्लड टीम ने नाव के सहारे सौ परिवारों को गांव से बाहर निकाला। उधर कोर्रा कनक के मजरे हड़ाही में चार घर यमुना के पानी में समा गए, और बगल के गांव मैनाही डेरा में कटान शुरू हो गई। और शाम को तेज उफान ने बंधा तोड़ दिया और पानी ओवरफ्लो होकर गांव के तालाब से आबादी में घुस गया। आनन-फानन में यहां की आबादी खाली कराकर बाढ़ सहायता केंद्र ललौली इंटर कालेज पहुंचाई गई। हड़ाही में बसंत, अनंत, पेशकार और नत्थू का घर कटान के कारण यमुना में समा गया। इनके परिवारों को ऊपर लाया गया है। यमुना, गंगा के साथ पांडु, ङ्क्षरद व ससुरखदेरी नदी में भी जलस्तर में बराबर इजाफा हो रहा है। यमुना तटवर्ती दसौली, ललौली, पल्टूपुर, उरौली, अढ़ावल, रेंय, कोर्रा, चौबहिया डेरा सहित एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। चिल्ला रोड, दसौली, अढ़ावल रोड पर घरों पर बाढ़ के पानी की दस्तक हो चुकी है। एसडीएम ने कोर्रा आदि गांवों का दौरा कर बाढ़ की स्थितियों का जायजा लिया और अधीनस्थों को दिशा निर्देश दिए।

गंगोली के पंद्रह परिवारों ने गांव छोड़ा

बिंदकी तहसील के गंगौली गांव में 15 परिवारों ने घर छोड़कर नजदीकी लोगों के यहां शरण ली है। वहीं अमौली ब्लाक के परसेढ़ा, दपसौरा गांव में की गलियों में पानी घुस गया। दपसौरा पुलिस चौकी में बाढ़ का पानी आने से इसे खाली करना पड़ा है। नोन नदी पर बने कहिंजरा, मरवाही डेरा, औंरा-निस्फी पुल भी बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। मरवाही डेरा, रुस्तमपुर, मवई, रिठवां, सिकंदरपुर, केवटरा, भरसा, गज्जा का डेरा, अयोध्या का डेरा, अवाजीपुर सहित गई गांव संपर्क एक दूसरे गांव से कट गया है। इसके अलावा गौरी-औंरा के प्राथमिक विद्यालय में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। तिरहार क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान तिल्ली व अरहर की फसल का हुआ है। एसडीएम विजय शंकर, तहसीलदार चंद्र शेखर यादव ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया है।

तीन तरफ से घिरा किशुनपुर कस्बा:

किशुनपुर कस्बा, तीन ओर से यमुना के पानी में घिरा हुआ है। महावतपुर असहट और नरौली गांव में चारों ओर नदी का पानी पहुंच चुका है। नरौली गांव में अंदर तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा है। ससुर खदेरी नदी में यमुना का पानी उल्टा पहुंचने से नदी किनारे के गांवों में दिन-रात जलस्तर की निगरानी हो रही है। तहसीलदार ने दौरा कर हालात देखे, कर्मचारियों को तैनात किया।

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