अनुसूचित जाति जनजाति के लोगो के उत्पीडन एवं समस्यओं का निस्तारण

कानपुर नगर, दिनांक 28 अगस्त, 2021(सू0वि0)
उ0प्र0 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के मा0 अध्यक्ष डा0 रामबाबू हरित ने आज सर्किट हाउस सभागार में वार्ता के दौरान बताया कि उ0प्र0 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग, लखनऊ के द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलो में आयोग के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों द्वारा निरन्तर भ्रमण कर अनुसूचित जाति जनजाति के लोगो से मिलकर उनके उत्पीडन एवं समस्यओं का निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आयोग के पदाधिकारियों द्वारा 55 जिलों का भ्रमण कर अनुसूचित जाति के लोगों की समस्यओं का सुनकर उनकी समस्याओं का निस्तारण जनपद स्तर पर ही किया गया है। उन्होंने बताया कि जनपद में भ्रमण के दौरान अनुसूचित जाति की एक बस्ती का भी औचक निरीक्षण कर बस्ती के लोगों की समस्याओं को सुनकर निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व आयोग में अनुसूचित जाति के बहुत अधिक मामलें लम्बित पडे थे, जिनका तेजी से निस्तारण आयोग द्वारा किया गया है। आयोग में अब केवल कुछ प्रकरण ही लम्बित बचें है, जिनका शीघ्र निस्तारण किया जायेगा।
उन्होंने बताया है कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उत्पीडन के मामलों की समीक्षा करते हुये अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अनुसूचित जाति के उत्पीडन के मामलों में सीओ स्तर के अधिकारी से विवेचना व जॉच कराकर कार्यवाही की जाये तथा इसके साथ ही अनुसूचित जाति एक्ट का दुरुपयोग भी नही होने पाये। उन्होंने कहा कि इस हेतु अनुसूचित जाति के लोगों को भी जागरुक किया जा रहा हैै। उन्होंने बताया कि एस0सी0/एस0टी0 एक्ट के अन्तर्गत कई धारायें बढाई गयी है। अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के उत्पीडन हत्या व बलत्कार के मामले में अब आर्थिक सहायता धनराशि को बढाकर 8 लाख 25 हजार की सहायता धनराशि पीडित पक्ष को दी जाती है। उन्होंने बताया कि गम्भीर अपराध में 60 दिनों के अन्दर चार्जशीट दाखिल करने की कार्यवाही की जानी चाहिए। एस0सी0/एस0टी0 के गम्भीर अपराधों के प्रकरणों में चार्जशीट लगते ही आर्थिक सहायता दिये जाने की कार्यवाही की जाती है। उन्होंने बताया है कि जनपद कानपुर नगर में गत वर्ष में एससी/एसटी के अत्याचार उत्पीडन के 121 मामलों में एक करोड़ 38 लाख 26 हजार रुपये की धनराशि पीडितों को सहायता हेतु उपलब्ध करायी गयी है।
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति व अन्य गरीब परिवारों की बालिकाओं को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में प्रत्येक जनपद में 225 बालिकाओं की शादी का लक्ष्य रखा गया है। जिससे अनुसूचित जाति व अन्य गरीब परिवारों की बालिकाओं को सामिल करते हुये लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के लोगों के हितों में अनेकों योजनायें जैसे पेंशन, छात्रवृति वितरण, विद्यार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना तथा सामूहिक विवाह योजना आदि योजनायें संचालित है।
उन्होंने बताया कि सरकार अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जन जातियों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिये कटिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार ने अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जन जातियों के सम्बन्ध में छुआ-छूत को दूर करने, किसी भी प्रकार के भेदभाव को वर्जित करने, उन्हें सामाजिक न्याय दिलाने के लिये न केवल कानूनी प्रावधान किया बल्कि अत्याचार से पीडित व्यक्तियों को आर्थिक हितों का भी ध्यान रखा। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति (अत्याचार निवारण) नियमावली 1995 के संशोधन नियम 2016 के अन्तर्गत उन्हें आर्थिक न्याय प्रदान किया गया तथा सहायता प्रदान की गयी है।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री राम नरेश पासवान एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 नेपाल सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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