कानपुर l पनकी पावर हाउस में बिजली का उत्पादन अगले वर्ष दिसंबर में शुरु करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाना है। सितंबर में ब्वायलर का हाइड्रोलिक टेस्ट होगा वहीं मार्च 2022 में इसमें लाइटअप किया जाएगा।
पनकी पावर हाउस में 660 मेगावाट सुपर क्रिटिकल प्लांट का काम चल रहा है। प्लांट से अगले वर्ष दिसंबर में बिजली का उत्पादन शुरु करने का लक्ष्य रखा जाना है। पनकी पावर हाउस में चिमनी का काम पूरा हो चुका है। प्लांट पूरा होने के बाद यहां कोयले की खपत एक तिहाई हो जाएगी। ब्वायलर की गुणवत्ता को जांचने के लिए अगले माह इसका हाइड्रोलिक टेस्ट किया जाएगा।
पनकी पावर हाउस के महाप्रबंधक ने बताया कि हाइड्रोलिक टेस्ट के बाद मार्च 2022 में ब्वायलर का लाइटअप किया जाएगा
बताया गया कि 60 फीसद काम पूरा हो चुका है। बाकी काम 16 माह में पूरा करने का लक्ष्य है। कोरोना संक्रमण के दौरान लाकडाउन की वजह से पनकी पावर हाउस का काम पिछड़ गया है। पनकी पावर हाउस में वर्ष 2018 में निर्माण कार्य शुरु हुआ था
कोरोना संक्रमण व लाकडाउन की वजह से निर्माण कार्य पर असर पड़ा। लाकडाउन खुलने के बाद दोबारा निर्माण कार्य शुरु हुआ तो कोरोना कफ्र्यू लग गया। इसकी वजह से निर्माण कार्य पूरा करने की समय अवधि बढ़ गई। पावर प्लांट में चिमनी का निर्माण पूरा हो चुका है। इसमें फ्लो केन लगाई जा चुकी है। ब्वायलर का काम भी पूरा हो गया है। इसका हाइड्रोलिक टेस्ट होगा। टेस्ट के बाद इसको लाइटअप किया जाएगा। पनकी पावर प्लांट शुरु होने से हर वर्ष 490 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। पावर प्लांट में 185 मीटर कूलिंमग टावर का निर्माण भी हो रहा है।
