कानपुर। पूरे देश मे कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। लेकिन इस बार जन्माष्टमी पर कोरोना की सीधी मार देखी जा रही है। कोरोना से पहले जन्माष्टमी के दिन सुबह से ही बाजारों में सामान खरीदने वालों की भीड़ नजर आती थी। लेकिन इस बार सब कुछ फीका फीका सा नजर आ रहा है, जन्मास्टमी को लेकर दुकानदारों ने पहले से ही तैयारी की हुई थी, कान्हा के आकर्षक वस्त्र और उनका सिंघासन आकर्षण का केंद्र था, लेकिन खरीददार के कम आने से दुकानदारों को निराशा हाथ लग रही है, साथ ही कहा जाता है कि इस दिन खीरा खरीदकर मंदिर में रखने की परंपरा है, जिसको लेकर ठेले वाले गली गली घूमकर खीरा बेच रहे है, लेकिन कोरोना और महंगाई की मार खीरे पर भी पड़ी है, मंदिरों के बंद होने से इस जन्माष्टमी का पर्व लोग अपने घरों में ही मनाएंगे।
कान्हा के परिधान और आकर्षक मूर्तिया बेचने वाले दिनेश का कहना है की जन्माष्टमी को लेकर पूरी तैयारी की गयी है। लेकिन कोरोना की वजह से कम ग्राहक ही बाजार में आ रहे है। जिससे निराशा हाथ लग रही है।
