विश्व विख्यात जेके मंदिर में बाहर लगी एलईडी स्क्रीन

कानपुर। पूरे देश के साथ ही कानपुर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने के लिए तैयारियों अपने अंतिम चरणों में पहुंच गई है। कोरोना के चलते सार्वजनिक आयोजन नहीं हो रहे हैं। मंदिरों में प्रवेश भी नहीं मिलेगा। लेकिन विश्व विख्यात जेके मंदिर में बाहर लगी एलईडी स्क्रीन पर पूरा कार्यक्रम दिखाया जाएगा। इसके अलावा बिठूर स्थित इस्कॉन टेंपल में ऑनलाइन दर्शन कराए जाएंगे।
वहीं प्राचीन दक्षिण भारतीय मंदिर महाराज प्रयाग नारायण शिवाला में श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव परंपरागत रूप से शुरू हो गया है। जन्माष्टमी के मौके पर डीएम आलोक तिवारी ने बताया कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक जारी रात्रि कर्फ्यू में आज छूट रहेगी।
जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों में सुबह से पूजन-अर्चन शुरू हो गया है। प्राचीन महाराज प्रयाग नारायण मंदिर शिवाला में स्थापित भगवान लक्ष्मी नारायण सहित सभी विग्रह का नारद पंच रात्रि विधि से पूजन अर्चन किया गया। तिरु मंजन एवं स्नान पूजन में विग्रह को दिव्य जल से स्नान कराया गया। वहीं मंदिर परिसर में कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए सीमित भक्तों को प्रवेश दिया गया। वहीं इस्कान मंदिर में भी सुबह से हरे कृष्ण हरे रामा की गूंज सुनाई दे रही है।
161 साल पुराने प्राचीन दक्षिण भारतीय मंदिर महाराज प्रयाग नारायण शिवाला में श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव परंपरागत रूप से शुरू हो गया है। प्रातः काल मंदिर के गर्भ ग्रह में स्थापित विग्रह को दूध, दही, हल्दी, चंदन, गुलाब जल और गंगाजल से स्नान कराया गया। मंदिर के व्यास पंडित करुणा शंकर प्रधान अर्चक आचार्य सूरज देव अर्पित अश्वनी और मंदिर अध्यक्ष मुकुल विजय नारायण तिवारी प्रबंधक अभिनव नारायण तिवारी और वैष्णव भक्त राघव तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजन किया।
मंदिर संरक्षक मुकुल विजय नारायण तिवारी ने बताया कि रात्रि 12:00 बजे मंदिर में रखे ऐतिहासिक विशाल नगाड़ों तथा शंखनाद के बीच नंदलाला का जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व वैदिक रीति रिवाज से मनाया जाता रहा है जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों दर्शन के लिए आते हैं। इस बार संक्रमण के चलते आयोजन को सीमित किया गया है। सीमित भक्तों को ही रात्रि पूजन में शामिल किया जाएगा।
जन्माष्टमी पर्व के चलते जेके मंदिर में मनमोहक सजावट की गई है। रविवार रात से ही सतरंगी रोशनी से मंदिर परिसर जगमग नजर आया और अनोखी छटा बिखेर रहा था। कानपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व विशेष रूप से जेके मंदिर में मनाया जाता है। हालांकि इस बार कोरोना संक्रमण के चलते भक्तों को प्रवेश नहीं मिलेगा। मंदिर के मुख्य द्वारों पर एलईडी लगाई जाएगी, जिसपर सजीव प्रसारण ही भक्त देख सकेंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने मंदिर में भगवान की छठी उत्सव तक प्रवेश पर पाबंदी लगा रखी है।
इस्कान मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के लिए खास तैयारी की गई हैं। यहां पर 125 चांदी के कलश से राधा-माधव का अभिषेक करने की तैयारी है। इसका लाइव प्रसारण इंटरनेट मीडिया के विभिन्न माध्यमों से किया जाएगा। यूट्यूब, फेसबुक आदि

पर मंदिर के आफिशियल चैनल पर दर्शन-पूजन किये जा सकते हैं। मीडिया प्रभारी कुर्मावतार दास ने बताया कि राधा-माधव का श्रृंगार और महाआरती के साथ 1008 पकवानों का भोग लगाया जाएगा।

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