
आज उत्तर प्रदेश राज्य परामर्शदात्री समिति श्रम एवं सेवायोजन उत्तर प्रदेश शासन की बैठक माननीय मंत्री अनिल राजभर जी एवं मा.विधानसभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना जी एवं विधायक श्री सुरेंद्र मैथानी जी की उपस्थिति में,प्रमुख सचिव श्रम सहित सभी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ, विधानसभा सचिवालय में संपन्न हुई। जिसमें उ प्र के श्रम कॉलोनीयों/ लेबर कॉलोनीयों के स्वामित्व के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई।
श्री अनिल राजभर जी मंत्री जी ने कहा की श्रम कॉलोनीयों का मामला पिछले सरकारों ने उलझा करके रख दिया और आज तक उस पर निर्णय होने की स्थिति में आने ही नहीं दिया गया। तमाम दांव पेंच के आधार पर, इसको काफी पेचीदा बना दिया गया।परंतु हम चाहते हैं कि इसका मसला हल हो।और कोई ऐसी योजना बने,उसका प्रस्ताव बने जिससे स्वामित्व के मामले में कैबिनेट की मोहर लगाकर, उत्तर प्रदेश सरकार से इसको पास कराया जा सके। और उसमें रहने वाले लोगों को राहत दी जा सके।
श्री सतीश महाना जी ने कहा वर्षों से आपने इसका किराया लेना भी बंद कर दिया है और इसका मेंटेनेंस भी आप नहीं कर रहे हैं कॉलोनिया काफी जर्जर हो रही हैं। लगभग 75 वर्ष से ज्यादा समय, इन कालोनियों के निर्माण किये हो गया है जिसकी आज की तिथि में, यदि मूल्यांकन कर लिया जाए तो पी डब्ल्यू डी भी इसकी वर्तमान स्थिति को शून्य में ही बताएगा। और उक्त कालोनियां, सबसे ज्यादा संख्या में, विधायक सुरेंद्र मैथानी जी के क्षेत्र में एवं मेरे क्षेत्र में ही है। और अन्य जिलों में जो लेबर कालोनियां है उनमें उत्तर प्रदेश की 50% कॉलोनियां अकेले हमारे कानपुर शहर में है। और आपके द्वारा उसका कोई मेंटेनेंस नहीं किया जा रहा है वहां के निवासी खुद इसको मेंटेन करते हैं। ऊपर से आप लोग कुछ लोगों ही किन कारणों से, पीपीपी के नोटिस जारी करके,प्रताड़ित करते हैं।कुछ लोगों को नोटिस देने का क्या मतलब है। हम आपके उजाड़ पड़े हुए पार्कों को डेवलप करके देते हैं, आपको उसमें भी दिक्कत होती है आपकी बिल्डिंगें जर्जर हो गई है,पानी की टंकियां जर्जर हालत में हो गई हैं उसको हम विधायक लोग जनहित में, लेबर कॉलोनी वासियों के हित में, मेंटेन करते हैं तो भी आपको कठिनाई होती है, यह गलत है।इसके मालिकाना का कोई प्रस्ताव बनाया जायऔर हम लोग उस पर फिर बैठक करके चर्चा करेंगे,तब जो आवश्यक सुधार होंगे,उसे सुधार करके, कैबिनेट उपरांत सरकार को पास करने के लिए भेजेंगे।
विधायक सुरेंद्र मैथानी ने कहा की मैं जीवन के 42 वर्ष लेबर कॉलोनी में रहकर ही,इस सदन में आया हूं।इसलिए वहां का दर्द और उसका समाधान भी ठीक प्रकार से बता सकता हूं। विधायक जी ने कहा कि लेबर कॉलोनी में रहने वाले चार-चार पीडियों से लोगों ने कठिन परिस्थितियों में अपना जीवन काटा है। आज केवल प्लास्टर और मेंटेन की गई कॉलोनी को देखकर इसका मूल्यांकन नहीं होना चाहिए।संन 1963 में मेरे पिताजी ने, शास्त्री नगर में लेबर कॉलोनी ली थी और विगत 9 से 10 वर्षों पूर्व, मैंने एक गरीब परिवार को दे दी थी।तब से लगातार मात्र उस कॉलोनी में गेरू और चूने की पुताई और मेंटेनेंस करके, किसी प्रकार से जीवन यापन करने में जो खर्च आया,आज की तिथि में उसका ब्याज भी दसियों लाख रुपए से ज्यादा बनता है।ऐसे में वर्तमान में जो उस कालोनी में रह रहा है, जितना छेत्रफल जिसके पास है,उसी आधार पर,उसी को मालिक मांनते हुए, उनकी कॉलोनीयों का मलकाना हक, उन ही लोगों को दे दिया जाए। अगर बहुत आवश्यक हो तो कुछ टोकन मनी लेकर, उनको ही,उनकी कॉलोनी का मकान मालिक बना दिया जाए। विधायक जी ने प्रमुख सचिव श्रम से कहा कि जिस प्रकार से ओडिशा और दिल्ली में लेबर कॉलोनीयों का मलकाना हक, वहीं के वाशीदों को दिया गया था, उसकी ड्राफ्टिंग को निकाल लिया जाए,और उसी ड्राफ्टिंग के आधार पर, यहां के लिए भी एक कार्य योजना तैयार की जाए। जिससे उक्त मसाले का स्थाई समाधान किया जा सके। क्योंकि मोदी जी और योगी जी भी लोगों को निशुल्क आवास उपलब्ध करा रहे हैं ऐसे में यह एक तोहफा भी,वही के निवासियों के लिए होगा।
विधायक जी ने सेंटर पार्क शास्त्री नगर के मंच के पीछे जर्जर हो गई बिल्डिंग के बारे में कहा कि उसको अभिलंब गिराने की अनुमति दी जाए।पीडब्ल्यूडी ने भी अपनी लिखित रिपोर्ट में उसे बहुत जर्जर और घातक बताया है।उक्त बिल्डिंग में आपका एक कार्यालय भी चलता है। जिसका आए दिन प्लास्टर गिरता है दीवारों पर बरगद के पेड़ और तमाम झाड़ी झंकार उग गए हैं, जो बहुत डरावने लगते हैं,तथा बिल्डिंग गिरने की प्रबल संभावना भौतिक रूप से दिखाई देती है।वहां पर आपके विभाग के कर्मचारी अपनी जान हथेली पर रखकर काम करते है, जिसका चेतावनी लेटर मैंने,पूर्व में आपको देकर बिल्डिंग गिराने की अनुमति मांगी है, जो अभी तक लंबित है।कोई हादसा हो उससे पहले उसको गिराने की अनुमति होनी चाहिए और जितने क्षेत्र में आपका ऑफिस चल रहा है। उतने क्षेत्र के ऑफिस को, मैं अपनी निधि से बना कर भी दे दूंगा।शेष स्थान पर,बच्चों के लिए लाइब्रेरी एवं ई लाइब्रेरी तथा मेडिकल और इंजीनियरिंग की निशुल्क कोचिंग स्थल तथा बुजुर्गों के अखबार पढ़ने टीवी देखने जैसे ज्ञानवर्धक स्थल का निर्माण कराऊंगा। जिस पर प्रमुख सचिव ने सकारात्मक जवाब दिया, कि मैं इसको जरूर दिखवाता हूं। विधायक जी ने कहा कि परंतु विशेष रूप से बरसों से लंबित कॉलोनी वासियों को उनके मालिकाना हक दे देना चाहिए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि इसमें कुछ समय दे दिया जाए,जिससे हम इसकी कार्य योजना तैयार कर लें तथा इसका सर्वे कर ले और फिर एक प्रस्ताव बनाकर,इस परामर्शदात्री समिति के समक्ष अगली बैठक में रख सके।
श्री सतीश महाना जी द्वारा, लेबर कॉलोनीयों के सर्वे तथा जनहित उसका प्रस्ताव तैयार करने के लिए, प्रमुख सचिव सहित अधिकारियों की टीम को आगामी 15 जून तक का समय दिया। तत्पश्चात 16 तारीख की बैठक इस समिति की तय कर दी।और कहा कि 16 तारीख तक आप प्रस्ताव बना कर बैठक में लाएं, जिससे उस पर हम सब लोग, जिनकी सीधी जवाब देही जनता के प्रति है,हम सब उनके हित में,आवश्यकतानुसार,संशोधन या सुझाव सम्मिलित करके, कैबिनेट के लिए भेजने का काम कर सके।
अंत में मंत्री अनिल राजभर जी ने अपनी सहमति देते हुए बैठक की तिथि निर्धारित करते हुए सभी को धन्यवाद दिया तथा पुन दोहराया कि बहुत ही गंभीरता के साथ, इस पर कार्य होना चाहिए और यह आप लोगों की भी बड़ी उपलब्धि प्रदेश की गरीब और जरूरतमंद जनता के हित में होगी।अतःसमयबद्ध इस कार्य को पूर्ण करके लाया जाए।
उक्त बैठक में प्रमुख सचिव सहित, श्रम मंत्रालय के उ प्र के सभी वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित थे।
2025-03-18
