कानपुर
माता श्री वैभव लक्ष्मी मंदिर में 251 किलो घी की अखंड ज्योति प्रज्वलित
प्रत्येक वर्ष की भांति, इस वर्ष भी चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि को, माता श्री वैभव लक्ष्मी मंदिर में 251 किलो घी की अखंड ज्योति प्रज्वलित की गई।नवरात्रि के पहले दिन भक्तों की भारी संख्या में भीड़ माता के दरबार में दर्शन के लिए उमड़ी। इन सभी भक्तों का मुख्य आकर्षण का केंद्र माता की 251 किलो घी की अखंड ज्योति रहती है। जिसका दर्शन करने के लिए भक्त दूर-दूर से आते है । नवरात्रि के 9 दिनों तक लगातार यह अखंड ज्योति माता के दरबार में प्रज्वलित रहती है और भक्तों का ऐसा विश्वास है कि जो भी भक्त माता की अखंड ज्योति में घी अर्पित करता है भगवती उनके भंडार सदा भरे रखती हैं ।
इस मंदिर की परंपरा के अनुसार यहां हर वर्ष नवरात्रि के अवसर पर एक छोटी कन्या के हाथों से इस ज्योति को प्रज्वलित करवाया जाता है। इसी कड़ी में इस वर्ष दस वर्षीय बालिका अनन्या मिश्रा के द्वारा ज्योत प्रज्वलित की गई। एक दिन पहले ही सभी भक्त अपनी-अपनी कन्याओं के नाम भेजना प्रारंभ कर देते हैं। जिन कन्याओं का नाम भक्तों द्वारा भेजा जाता है उनके नाम की पर्ची भगवती के सामने रखकर सभी की उपस्थिति में निकाली जाती है। जिस कन्या का नाम निकलता है उस कन्या का पूजन करके उसी के कर कमलों द्वारा माता की अखंड ज्योति प्रज्वलित कराई जाती है । इस बार अनन्या मिश्रा का नाम भगवती की इच्छा से पर्ची में निकला और उनके द्वारा माता की अखंड ज्योति प्रज्वलित करी गई। अनन्या मिश्रा के माता-पिता ने कहा कि यह हमारा परम सौभाग्य है, जो माता ने हमारी बेटी को चुना और उसके हाथों से ज्योति प्रज्वलित करवाई गई है । मंदिर के पुजारी करन रामानुज दास द्वारा इस अखंड ज्योति की परंपरा की महिमा बताते हुए कहा गया कि यदि किसी भक्त को किसी प्रकार का चर्म रोग नेत्र रोग आदि होता है तो माता की ज्योति का घी लगाने से भी उसके कष्ट दूर होते हैं ।
