कानपुर नगर स्थित चिड़ियाघर में एक बाघिन ‘शक्ति’ की बर्ड फ्लू के संक्रमण से मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में हड़कंप मच गया है। राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान भोपाल की जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही राज्य प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मंगलवार को रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) की टीम ने कानपुर चिड़ियाघर पहुंचकर वहां कार्यरत 105 कर्मियों के सैंपल लिए। इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट बुधवार को आने की संभावना है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कानपुर चिड़ियाघर को आगामी 19 मई तक बंद कर दिया गया है और पूरे परिसर को सैनिटाइज किया गया है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लखनऊ और गोरखपुर के चिड़ियाघरों को भी एहतियातन एक सप्ताह के लिए बंद किया गया है।
गौरतलब है कि गोरखपुर जू से इलाज के लिए बीमार शेर ‘पटौदी’ को भी कानपुर चिड़ियाघर लाया गया था जिससे संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ गया है।
दूसरी ओर, दुधवा टाइगर रिजर्व के मैलानी रेंज में 10 मई को एक घायल मादा शावक मिली थी, जिसकी उम्र लगभग 10 माह थी। उसे इलाज के लिए चिड़ियाघर लाया गया, पर 7 मई को उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में मल्टी ऑर्गन फेल्योर की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में भोपाल लैब की जांच में उसकी मौत की वजह भी बर्ड फ्लू पाई गई।
इन घटनाओं के बाद पूरे प्रदेश के वन्यजीव अभयारण्यों और चिड़ियाघरों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। संबंधित सभी कर्मियों को क्वारंटीन में रखा गया है और संभावित संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग व वन विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।
