कानपुर

 

“अम्मा का ख्याल रखना… मुझे हँसते हुए विदा करना” — सुसाइड नोट लिखकर कोचिंग संचालक ने जीवनलीला को दिया विराम

 

“अम्मा का ख्याल रखना, कोई रोने ना देना, मुझे हँसते हुए विदा करना…” — ये चंद शब्द एक बेटे ने अपनी आखिरी चिट्ठी में लिखे, जो शायद उसकी टूटती हुई उम्मीद भरी भावनाओं की एक मार्मिक आवाज थी । जाजमऊ थानाक्षेत्र की डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले कोचिंग संचालक अजय साहू ने मंगलवार को मानसिक अवसाद के चलते खुदकुशी कर ली।

 

बताया जा रहा है कि अजय साहू मानसिक रूप से काफी समय से परेशान चल रहे थे। अविवाहित अजय अपनी बुजुर्ग मां के साथ ही रहते थे और इलाके में एक कोचिंग संस्थान चलाते थे। मंगलवार सुबह उनका शव घर के एक कमरे में फंदे से लटका मिला। उन्होंने आत्महत्या के लिए अपनी मां का ही दुपट्टा इस्तेमाल किया, जो इस हादसे को और भी दर्दनाक बना गया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कमरे से मिला सुसाइड नोट हर किसी की आंखें नम कर गया। अजय ने उसमें लिखा — “अम्मा का ख्याल रखना… कोई रोने ना देना… मुझे हँसते हुए विदा करना…”

 

परिवार का इकलौता सहारा अजय अपनी मां की जिंदगी का केंद्र था। उनके जाने से मां पूरी तरह टूट चुकी हैं। पड़ोसियों का कहना है कि अजय बहुत शांत और मददगार स्वभाव के थे। उनकी कोचिंग में दर्जनों छात्र पढ़ते थे और उनका पढ़ाने का तरीका बच्चों में काफी लोकप्रिय था। लेकिन अंदर ही अंदर वह गहरे अवसाद से जूझ रहे थे — ये किसी को अंदाज़ा भी नहीं था।

 

पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, लेकिन प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या माना जा रहा है। अजय की अंतिम विदाई में मोहल्ले भर की आंखें नम थीं… लेकिन शायद उनकी आखिरी इच्छा के मुताबिक, हर कोई उन्हें एक मुस्कान के साथ विदा कर रहा था — टूटे दिल के साथ।

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