कानपुर
गेस्टहाऊस में एचटी लाइन की चपेट में आए युवक की इलाज के दौरान मौत, हंगामा
कानपुर।कल्याणपुर के अंबेडकर पुरम,आवास विकास-3 के निजी गेस्ट हाउस में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए युवक की रविवार को लखनऊ के केजीएमयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन भीम आर्मी के।कुछ लोगों के साथ शव लेकर गेस्ट हाउस पहुंचे।हालांकि उनके पहुंचने के पहले ही एहतियातन गेस्ट हाउस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। परिजनो ने जैसे ही हंगामा करने का प्रयास किया पुलिस ने उनके मुताबिक कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कर दिया।
घटना 22 जुलाई मंगलवार की है, जब हमीरपुर के पारा गांव निवासी अमित उर्फ भूरा कल्याणपुर के स्नेह बंधन पार्टी लान के बाहर सजावट का कार्य करते समय ऊपर से गुजरी एच टी लाइन की चपेट में आकर बुरी तरह से झुलस गया था।उसे नजदीजी हॉस्पिटल फिर उर्सला में भर्ती कराया गया जिसके बाद गंभीर हालत को देखते हुए गंभीर रूप से झुलसे अमित को लखनऊ के केजीएमयू ले जाया गया जहां रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई ।भीम आर्मी के कुछ लोगों के।साथ परिजन शव लेकर कल्याणपुर स्थित गेस्ट हाउस पहुंचे और गेस्ट हाउस प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर मुआवजे की मांग करते हुए हंगामा करने लगे।हालांकि मौके पर पहले से ही मौजूद भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे कल्याणपुर इंस्पेक्टर अजय कुमार मिश्रा ने परिजनो को उनके हिसाब से कार्रवाई करने का भरोसा देकर शांत करा दिया।और मौके पर ही गेस्ट हाउस संचालक को हिरासत में ले लिया है।कल्याणपुर इंस्पेक्टर अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है। मृतक के परिजनों और गेस्ट हाउस संचालक के परिजनों के बीच बातचीत चल रही है।अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
22 वर्षीय युवक की मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश है और परिजन गेस्ट हाउस संचालक पर लापरवाही के आरोप लगाया।लोगो का कहना है कि इस दर्दनाक हादसे का गुनहगार सिर्फ संचालक ही नहीं, बल्कि केस्को विभाग ,केडीए और नगर निगम भी है।क्योंकि जिस गेस्ट हाउस में हादसा हुआ वहां बाहर ग्रीन बेल्ट पर कब्जा कर अवैध स्थाई और अस्थाई निर्माण किया गया।इतना ही नहीं बाहर की तरफ करीब 20 फीट तक अवैध अस्थाई निर्माण भी है।ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी है ।आस पास कई घरों और दुकानों की छतों के ऊपर से गुज़र रही है, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। आराजी की जमीन पर तमाम मकानों, दुकानों और गेस्ट हाउस के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। हाईटेंशन लाइन के नीचे की जमीन ग्रीन बेल्ट घोषित है, फिर भी विभागीय अनदेखी के चलते यहां निर्माण कार्य होते रहे। हैरानी की बात यह है कि केडीए ने बिना जांच के इन अवैध निर्माणों के नक्शे भी पास कर दिए। अगर जिम्मेदार विभाग पहले से चेते होते तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
