सिविल लाइंस की तीन जमीनों पर चकरघिन्नी बना जिला प्रशासन; वक्फ, शत्रु सम्पत्ति के बाद अब नजूल की होने का दावा

 

सिविल लाइंस की तीन जमीनों को लेकर जिला प्रशासन चकरघिन्नी बना है। वक्फ, शत्रु सम्पत्ति के बाद अब उस जमीन को नजूल की बताई जा रही है।सिविल लाइंस में 13/387, 13/388 और 13/390 तीन संपत्तियां जिसकी कीमत दो सौ करोड़ से अधिक आंकी जा रही है। डीएम के निर्देश पर अब इस जमीन की जांच एडीएम फाइनेंस के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है जो पूरी स्थिति को साफ कर रिपोर्ट देगी। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंहने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।बहुचर्चित अखिलेश दुबे प्रकरण में सिविल लाइंस स्थित 200 करोड़ की तीनों जमीनों के अब नजूल का होने का दावा किया जा रहा है। डीएम के निर्देश पर कमेटी गठित की गई है। तीनों संपत्तियों को वक्फ बोर्ड भी अपनी बता चुका है। एक संपत्ति शत्रु होने की वजह से उसका मामला हाईकोर्ट में चल रहा है।

सिविल लाइंस में 13/387, 13/388 और 13/390 तीन संपत्तियां हैं। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी के मुताबिक तीनों वक्फ की हैं। 13/390 संपत्ति पर आरएफसीका कार्यालय चल रहा है। इसे शत्रु संपत्ति भी माना जा रहा है। इसका मामला हाईकोर्ट में लंबित है। 13/388 संपत्ति पर अखिलेश व उसके भाई सर्वेश का कब्जा है। इसमें मुतवल्ली रिपोर्ट भी दर्ज करा चुके हैं। कब्जा की गई संपत्ति में आगमन लॉन, केनरी लंदन शोरूम और एक सैलून चल रहा है।अभी 13/387 संपत्ति की स्थिति साफ नहीं है। तीनों संपत्ति का नजूल होने का दावा किया जा रहा है। डीएम के निर्देश पर कमेटी गठित की गई है। एडीएम फाइनेंस के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी में SDM सदर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह, एसीएम सप्तम रामशंकर व तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी हैं ।

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