हत्या के आरोप से बरी हुए कुलदीप मिश्रा, पांच साल बाद जेल से रिहाई

 

कानपुर नगर। थाना बिधनू क्षेत्र के बहुचर्चित हत्या कांड में लगभग पाँच वर्षों से जेल में बंद रहे आरोपी कुलदीप मिश्रा को अदालत ने बरी कर दिया है।

 

मामला वर्ष 2019 का है, जब कुलदीप मिश्रा पर अपनी पत्नी की हत्या कर शव को जंगल में फेंकने का सनसनीखेज आरोप लगा था। थाना बिधनू पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मुकदमा अपराध संख्या 598/2019 इस घटना से संबंधित था।

 

19 अगस्त 2025 को कानपुर नगर के माननीय न्यायालय ADJ-9 ने इस प्रकरण में अंतिम फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को पुख्ता सबूतों के साथ सिद्ध नहीं कर पाया। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को बरी करने का आदेश दिया।

 

जेल में बंद कुलदीप मिश्रा लगातार पाँच वर्षों से मुकदमे की सुनवाई का सामना कर रहे थे। उनकी पैरवी अधिवक्ता ओमप्रकाश पांडेय ने की। बहस के दौरान उन्होंने अदालत के समक्ष साक्ष्यों की कमजोरी और अभियोजन के तर्कों की कमी को विस्तार से रखा। न्यायालय ने इन तथ्यों को स्वीकार करते हुए कुलदीप मिश्रा को संदेह का लाभ दिया और हत्या के आरोप से मुक्त कर दिया।

 

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला न्याय व्यवस्था में साक्ष्यों की निर्णायक भूमिका को एक बार फिर रेखांकित करता है।

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