*रंगों से शिक्षा, बगिया से पोषण और स्क्रीन से डिजिटल ज्ञान : सक्षम बनेंगे आंगनबाड़ी केंद्र*

*बाला पेंटिंग से सीखेंगे बच्चे, पोषण वाटिका से मिलेगा स्वास्थ्य और एलईडी से खुलेगा डिजिटल संसार*

*आंगनबाड़ी केंद्र होंगे सक्षम : बाला पेंटिंग से सीख, पोषण वाटिका से सेहत और एलईडी से डिजिटल शिक्षा*

कानपुर नगर, 13 सितम्बर 2025

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के विज़न के अंतर्गत आज बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण और स्वास्थ्य सेवा का ही माध्यम नहीं हैं, बल्कि बच्चों के लिए सीखने और व्यक्तित्व विकास का पहला पड़ाव भी हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए जनपद के 292 आंगनबाड़ी केंद्रों में BaLA (Building as Learning Aid) पेंटिंग कराई जाएगी।

*दीवारों पर अक्षर, फर्श पर खेल – बाला पेंटिंग की पहल*

बैठक में बताया गया कि बाला पेंटिंग्स के माध्यम से केंद्रों की दीवारों, दरवाजों और फर्श पर शैक्षिक चित्र और रचनात्मक आकृतियाँ उकेरी जाएँगी। इसमें अक्षरमाला, संख्याएँ, तालिकाएँ, पशु-पक्षी, फल-फूल, भारत का मानचित्र तथा विभिन्न शैक्षिक खेलों से संबंधित डिज़ाइन शामिल होंगे। इस पहल से छोटे बच्चों को सहज, रोचक और खेल-खेल में शिक्षा प्राप्त होगी।

*हर केंद्र पर बनेगी पोषण वाटिका*

सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के अंतर्गत प्रत्येक केंद्र पर पोषण वाटिका भी स्थापित की जाएगी। इनमें पालक, मेथी, चौराहे की सब्जियाँ, सतवारी, आंवला, सहजन, पपीता, लेमनग्रास, अनार और करी पत्ता जैसे पौधे लगाए जाएँगे। इससे बच्चों और समुदाय को ताज़ी एवं पौष्टिक सब्जियाँ व फल प्राप्त होंगे और कुपोषण की रोकथाम में मदद मिलेगी।

*ग्राम पंचायतों को मिली धनराशि*

जिलाधिकारी ने बताया कि बाला पेंटिंग हेतु ₹11,000 तथा पोषण वाटिका हेतु ₹10,000 की धनराशि आंगनबाड़ी केंद्र युक्त ग्राम पंचायतों के खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाला पेंटिंग का कार्य 25 सितम्बर तक हर हाल में पूर्ण कराया जाए और कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

*292 केंद्रों में लगेंगी एलईडी स्क्रीन*

सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के अंतर्गत 292 आंगनबाड़ी केंद्रों में एलईडी स्क्रीन भी लगाई जाएंगी। इन स्क्रीन के माध्यम से बच्चों को डिजिटल बाल शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम दिखाए जाएंगे, जिससे शिक्षा और अधिक रोचक तथा व्यवहारिक बन सकेगी।

*सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र का नया स्वरूप*

जिलाधिकारी ने कहा कि बाला पेंटिंग बच्चों को रचनात्मक शिक्षा का वातावरण देंगी, पोषण वाटिका उनके स्वास्थ्य व पोषण का आधार बनेगी और एलईडी स्क्रीन उन्हें डिजिटल शिक्षा की ओर अग्रसर करेंगी। इन तीनों पहलों से आंगनबाड़ी केंद्र वास्तव में सक्षम बन सकेंगे।

समीक्षा बैठक में सीडीओ दीक्षा जैन, डीडीओ आलोक कुमार सिंह, डीपीआरओ मनोज कुमार, डीएचओ, विभिन्न ब्लॉकों के बीडीओ एवं सीडीपीओ मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *