फर्रुखाबाद की गोशाला में गोबर से बन रही बायोगैस
याकूतगंज गो आश्रय स्थल में लगा बायोगैस प्लांट, गोबर से तैयार हो रही गैस
बायोगैस से चल रहा जनरेटर, गोशाला में पानी और अन्य कामों में हो रहा उपयोग
फर्रुखाबाद, 12 मार्च।
योगी सरकार में गो संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में फर्रुखाबाद जिले के याकूतगंज स्थित अस्थायी गो आश्रय स्थल में बायोगैस प्लांट स्थापित किया गया है। इस प्लांट में गोशाला से निकलने वाले गोबर का उपयोग कर बायोगैस तैयार की जा रही है, जिससे ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है।
बायोगैस प्लांट से तैयार गैस के माध्यम से जनरेटर चलाया जा रहा है। इससे गोशाला में पानी की व्यवस्था और अन्य जरूरी कार्य किए जा रहे हैं। इस व्यवस्था से एक ओर गोबर का बेहतर उपयोग हो रहा है, वहीं स्वच्छता बनाए रखने में भी मदद मिल रही है।
गोशाला में गोबर के वैज्ञानिक उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था से गोशालाओं में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है और ऊर्जा की जरूरतों को भी पूरा किया जा सकता है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार शर्मा ने बताया कि याकूतगंज गो आश्रय स्थल में लगाए गए बायोगैस प्लांट से तैयार गैस का उपयोग जनरेटर चलाने में किया जा रहा है। इससे गोशाला में पानी की व्यवस्था सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं और गोबर का उपयोग भी सही तरीके से हो पा रहा है।
क्या है बायोगैस प्लांट
बायोगैस प्लांट में गोबर और अन्य जैविक पदार्थों से गैस तैयार की जाती है। इस गैस का उपयोग जनरेटर चलाने, खाना बनाने या अन्य कार्यों में किया जा सकता है। इससे एक ओर स्वच्छ ऊर्जा मिलती है, वहीं गोबर का सही उपयोग होने से पर्यावरण को भी लाभ मिलता है।
