माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम गढ़ा रामपुरा में सचिव की लापरवाही के कारण 10 से अधिक ऐसे परिवार हैं जिन्हें आज भी शौच के लिए बाहर जाना पड़ता। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव द्वारा डेढ़ साल पहले शौचालय की पहली किश्त दी गई थी जिससे शौचालय बनाने के लिए गड्ढे खोदकर बनवा लिए थे लेकिन आज तक दूसरी किस्त न मिलने से शौचालय अधूरे पड़े मिले हैं।
ब्लाक क्षेत्र को स्वच्छ भारत मिशन अभियान में अधिकारियों व कर्मचारियों ने भले ही ब्लाक ओडीएफ करा दिया है लेकिन अभी भी शत प्रतिशत लोगों को शौचालय का लाभ नहीं मिला है। आरोप है कि ग्राम पंचायतों में तैनात सचिवों को ग्रामीणों ने सुविधा शुल्क नहीं दी तो उन्होंने ग्रामीणों के खातों में शौचालय की दूसरी किश्त का रुपया ही नहीं भेजा। इस कारण अभी भी शौचालय के अधूरे पड़े हैं। ग्राम गढ़ा रामपुरा में 10 से अधिक ऐसे ग्रामीण हैं जिन्हें आज तक दूसरी किस्त न मिलने से शौचालय अधूरे पड़े हैं। कुंवर सिंह, रामबहादुर का कहना है कि सचिव ने 2020 में छह हजार रुपये की एक किस्त दी थी जिसमें गड्ढे खोद कर सीट लगाकर कोठरी बनवा ली लेकिन आज तक दूसरी किश्त का पैसा नहीं दिया गया है। सचिव सुविधा शुल्क मांग रहे थे। रुपये न देने पर उन्होंने दूसरी किश्त का लाभ नहीं दिलाया है। इस संबंध में एडीओ पंचायत छेदालाल का कहना है कि सचिव के खिलाफ कई बार उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर भेजा गया लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
