जिलाधिकारी नेहा जैन द्वारा सुबह ए.आर.टी.ओ कार्यालय औचक निरीक्षण किया गया

जिलाधिकारी नेहा जैन द्वारा सुबह ए.आर.टी.ओ कार्यालय औचक निरीक्षण किया गया समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समय से उपस्थिति होने के निर्देश दिए गए लाइसेंस एवं पत्रावालियों का ससमय निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। जिले के नवनियुक्त जिलाधिकारी नेहा जैन आते ही अपने सख्त रवैया से सभी विभागों को परिचित करा रहे हैं।और निरीक्षण करके यह हिदायत भी दे रहे हैं। कि आने वाले समय में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नवनियुक्त जिलाधिकारी पूरे एक्शन में है। जिले की सभी बड़ी इकाइयों और दफ्तरों पर उनकी नजर है। अकबरपुर स्थित आरटीओ में दफ्तर में औचक निरीक्षण कर के जिलाधिकारी ने हड़कंप मचा दिया। जब डीएम औचक निरीक्षण करने पहुंचे तो आरटीओ के अंदर आसपास घूम रहे दलालों में खलबली मच गई।
निरीक्षण के दौरान कई खामियां पाई गई। जिसको लेकर उन्होंने एआरटीओ अधिकारी को कई निर्देश दिए।डीएम ने आरटीओ अधिकारी को आदेश दिए कि हर काउंटर पर सीसीटीवी कैमरा होना अनिवार्यहै। साथ ही आरटीओ के बाहर एक बोर्ड भी लगाया जाए ,जिस पर लिखा हो किसी को आवश्यक जानकारी या मदद चाहिए हो तो सीधे संपर्क करें ।वही ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले हॉल के अंदर जब डीएम ने निरिक्षण किया तो उसके अंदर भी तमाम खामियां मिली। उन्होंने देखा कि लाइसेंस बनाने के लिए केवल दो ही व्यक्ति वहां मौजूद हैं। जब की सबसे ज्यादा भीड़ थी काउंटर पर होती है।उन्होंने आरटीओ अधिकारी को निर्देश दिए कि इसकी लिखित एप्लीकेशन बनाकर उन्हें दे।जिससे वह यहां कर्मचारियों को बढ़ाया जा सके।और आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो।बता दें कि नवनियुक्त जिलाधिकारी पूरे एक्शन में है।और उन्होंने एक सप्ताह के अंदर जिला चिकित्सालय और फिर आरटीओ ऑफिस में निरीक्षण कर सरकारी अमलो में हड़कंप मचा दिया है।जिससे यह माना जा रहा है।कि आने वाले समय में योगी सरकार का एक्शन प्लान कारगर साबित होगा। जिले के आरटीओ ऑफिस में लगातार दलाली और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही थी।दलालों की सांठगांठ से कर्मचारी भी मोटी रकम कमाने की कोशिश में लगे रहते थे।सरकारी मूल्यों से अधिक पैसे की वसूली की शिकायत आरटीओ ऑफिस में लगातार आती रही है। जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान कई सामाजिक कार्यकर्ता भी वहां मौजूद रहे और उन्होंने जिलाधिकारी के इस कदम की सराहना भी की।
आरटीओ दफ्तर लाइसेंस बनवाने से ज्यादा दलालों का बड़ा अड्डा बन गया है। काउंटर से पहले दफ्तर के बाहर ही दलाल अपने काम की कीमत बताने लगते हैं कितने घंटे और कितने दिन में उनका है काम हाथों.हाथ हो जाएगा इसका भी मूल्य वसूलते हैं। भीड़ भाड़ वाले इस विभाग से बचने के लिए सामान्य आदमी भी विशेष लोग समझते हैं।क्योंकि भीड़भाड़ वाले इस दफ्तर में अधिकारी न मिलते हैं।ना सुनतेहैं। काउंटर पर बाबू कभी बैठे हुए नहीं मिलते तब दलालों के ही सहारे इस विभाग से सामान्य आदमियों का काम होता है।

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