अब चारा घोटाला भी सामने आया

कानपुर के गोवंश आश्रय स्थलों में ​लापरवाही की खबरें तो आया ही करती हैं लेकिन अब चारा घोटाला भी सामने आया है. डीएम नेहा शर्मा के निर्देश पर जब एसडीएम नर्वल अमित कुमार ने तीन गोवंश आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया, तो इसकी हकीकत सामने आयी. हाल कुछ ऐसा था कि गायों के लिए आने वाले हरा चारा का बिल तो धड़ाधड़ जारी किया जा रहा था लेकिन यह हरा चारा कहीं भी मौजूद नहीं था. मामला पकड़े जाने पर सरसौल के गोवंश आश्रय स्थल के सचिव पर एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं जबकि दो लोगों को चेतावनी दी है. इसके साथ ही डीएम ने सभी गोवंश आश्रय स्थलों के बिलों का आडिट करने के निर्देश दिए हैं.दरअसल, डीएम नेहा शर्मा के निर्देश पर एसडीएम नर्वल अमित कुमार गोवंश आश्रय स्थल के निरीक्षण पर गए थे. सरसौल में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यहां पर आठ केयर टेकर तैनात हैं लेकिन मौके पर केवल एक ही केयर टेकर मिला. इसके अलावा यहां पर अव्यवस्थाएं भी चरम पर थीं. एसडीएम की जांच में यहां पर भूसा और चोकर तो पाया गया लेकिन हरे चारे का नामोनिशान तक नहीं था, जबकि जो बिल भेजे गए थे, उसमें हरे चारा का भी बिल था. इसी तरह अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल दीपापुर में भूसा पर्याप्त पाया गया लेकिन चोकर व हरा चारा नहीं पाया गया. यहां पर भी बिलों में चोकर व हरे चारे का बिल भेजा गया था. तीसरे अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल महाराजपुर में भूसा चोकर तो पाया गया लेकिन हरा चारा नहीं पाया गया जबकि बिलों में हरे चारे का बिल भेजा गया था. इस पर एसडीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए फटकार लगाई. सरसौल के गोवंश आश्रय स्थल के सेक्रेटरी पुनीत मिश्र के खिलाफ एफआइआर के निर्देश दिए जबकि दीपापुर और महराजपुर के सचिवों को चेतावनी दी गई.यहां की स्थिति देखने के बाद आशंका जताई गई कि अन्य गोवंश आश्रय स्थलों पर ऐसी अनियमितताएं हो सकती हैं. इसी आशंका को देखते हुए डीएम नेहा शर्मा ने कानपुर के सभी वृहद अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों के प्रस्तुत बिलों का आडिट करने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए सीडीओ कानपुर की अध्यक्षता में आडिट समिति गठित की गई है. इस समिति में अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ, मुख्य कोषाधिकारी और उप निदेशक कृषि को शामिल किया गया है. डीएम ने सभी बिलों का आडिट कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है.

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