कानपुर। सड़के किनारे महफिल सजा कर व कार में बैठकर, नॉनवेज की दुकान पर या फिर किसी ठेले या खोमचे पर खड़े होकर शराब पीने वालों पर कमिश्नरेट पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दबोचकर थाने में बैठाया है। एक सप्ताह के अभियान में पुलिस ने सड़क किनारे शराब पीने वाले 648 नौकरीपेशा, स्टूडेंट और अच्छे घरों के लोगों के साथ ही सड़कछाप से लेकर रसूखदारों को हिरासत में लेकर कार्रवाई की है। इसका असर अब कानपुर की सड़क पर दिखने लगा है।
देर शाम शहर की सड़कों पर शराब पीना अब तक आम बात थी। कोई भी कहीं भी कार खड़ी करके या फिर नॉनवेज की शॉप और सड़क किनारे दुकानों या खोमचों में शराब पीना शुरू कर देता था। नशेबाजी के दौरान आए दिन छेड़खानी, मारपीट, ड्रंक एंड ड्राइव में हादसे समेत अन्य अपराध होते थे। इसे देखते हुए पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने 12 जुलाई से कार-ओ-बार अभियान शुरू कर दिया। अभियान के तहत शनिवार रात तक चकेरी, सीसामऊ, जूही समेत अन्य थानों की पुलिस ने 648 लोगों को सड़क पर शराब पीते पकड़ा गया। रविवार को यह आंकड़ा कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने जारी किया है। इसमें स्टूडेंट नौकरीपेशा और युवाओं की फौज के साथ ही सड़कछाप से लेकर रसूखदार जो भी मिल गया पुलिस उसे मौके से हिरासत में लेती है। इसके बाद थाने ले जाकर जमीन में पंक्तिवार बैठाया जाता है। इसकी वीडियो और फोटोग्राफी होती है। अभियान खत्म होने पर इन सभी का धारा 34 पुलिस एक्ट के तहत चालान किया जाता है। इससे है। सम्मानजनक व्यक्ति खुद की बेइज्जति महशूस करता है। अभियान की नोडल अधिकारी डीसीपी साउथ रवीना त्यागी ने बताया कि देर शाम शहर के ठेकों के आसपास महफिल सज जाती है। कार से लेकर सड़क, खोमचों में जमकर नशेबाजी होती है । इसके बाद यही शराब पीने वाले ही राह चलते छेड़खानी, मारपीट और सड़क हादसे करते हैं। अभियान के तहत कार्रवाई के बाद सड़क पर नशेबाजी बंद हुई तो निश्चित ही अपराध में गिरावट आएगी।
2021-07-18
