कानपुर। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं तो वहीं अब पोस्टर वार के जरिए 2022 का दंगल फतह की जोर-आजमाइश भी शुरू हो गई है। शहर के अधिकांश चौराहे होर्डिंग्स व बैनरों से पटे हैं और हर दल के नारे भी लिखे हैं। जिनमें निशुल्क में बिजली तो चंदे में चोरी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
शहर के अधिकतर बड़े चौराहे राजनीतिक दलों की होर्डिंग्स और पोस्टरों से पटे हैं। बर्रा चौराहे के पास एक और होर्डिंग लगाई गई, जिसमें लिखा गया था चंदा चोरों से सावधान। ये होर्डिंग अयोध्या में जमीन घोटाले के खुलासे के बाद लगाया गया। समाजवादी पार्टी की होर्डिंग्स भी लोगों के लिए खास बनी हुई है। जिसमें लिखा गया है कि चार साल में यूपी बदहाल, 2022 में आएगी अखिलेश सरकार।
पोस्टर वार में आप पार्टी भी कूद गई है। दिल्ली की तरह फ्री बिजली, पानी, दवाई और पढ़ाई देने के वादे के साथ होर्डिंग लगाई गई हैं। इसके साथ ही योगी सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए पोस्टर लगाए गए हैं। आप नेता विशाल गुप्ता कहते हैं कि पार्टी 2022 के चुनाव में शहर की सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। सरकार बनने पर जनता से किए गए सारे वादे पूरे किए जाएंगे।
सबसे बड़ा संगठन होने के बाद भी 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने नगर व देहात की 14 में से महज एक सीट पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस अब अपने गढ़ पर कब्जे को लेकर सड़क पर उतर आई है। कांग्रेसियों का एक पोस्टर चाय की दुकानों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसमें लिखा है, प्यासा कानपुर। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि साढ़े चार साल के दौरान शहर की पेयजल व्यवस्था बेपटरी हो गई है। नलों की टोटियों से बदबूदार पानी निकल रहा है।
पोस्टर वॉर में फिलहाल बीजेपी के पोस्टर अभी जारी नहीं हुए। पार्टी में मंथन के बाद ये तय किया जाएगा कि चुनाव किन मुद्दों पर लड़ना है। इसके बाद तेजी से शहर में होर्डिंग और बैनर लगाए जाएंगे। बीजेपी नगर अध्यक्ष ने इस पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि गलत मानसिक दशा के चलते इनके नेता पोस्टर लगा रहे हैं, पर कुछ होने वाला नहीं हैं। 2022 में दोबारा योगी आदित्यनाथ सूबे के सीएम बनने जा रहे हैं।
विपक्ष के पोस्टर जैसे ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए तो आनन-फानन नगर निगम ने इस होर्डिंग को उतार दिया। वहीं सपा ने शहर के कई क्षेत्रों में बंगाल की तर्ज पर खेला होबे के होर्डिंग लगवाए। चंद घंटों बाद इन्हें भी उतार दिया गया। नगर निगम की ये कार्रवाई लगातार जारी है। जिस पर विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाते हुए बीजेपी की साजिश करार दिया है।
