Sat, 24 Jul 2021
भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के गदाई खेड़ा गांव के एक वृद्ध की छत के ऊपर से निकले विद्युत लाइन के तार की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं सूचना देने के लिए ग्रामीणों ने अवर अभियंता व उपखंड अधिकारी को फोन किया पर उनसे बात नहीं हो सकी। इससे लोगों में रोष रहा।
भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के गदाईखेड़ा गांव के मनोज कुमार ने बताया कि उसके पिता श्रीनारायण शुक्ल (70) शुक्रवार की सुबह घर की कच्ची छत पर साफ सफाई कर रहे थे। छत के ऊपर से होता हुआ बिजली का तार निकला है। जैसे ही वह खड़े होने लगे उनकी गर्दन से बिजली का तार टकरा गया। गांव में विद्युत सप्लाई चालू होने के कारण वह करंट की चपेट में आकर झुलस कर गिर गए।
आवाज सुनकर नीचे खड़े लोगों का ध्यान गया। आनन फानन में इलाज के लिए पुखरायां सीएचसी लाया गया। जहां डॉ. मनोज कुमार ने उनको मृत घोषित कर दिया। कोतवाली के उपनिरीक्षक अजय कुमार ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
वहीं अवर अभियंता विनोद कुमार का फोन पहुंच के बाहर बताता रहा। जिसको लेकर गांव के लोग आक्रोशित रहे। उपखंड अधिकारी राकेश सोनी का फोन नहीं उठा। वहीं अधिशासी अभियंता कुलदीप यादव ने मामले की जांच कराने की बात कही।
छत से निकले विद्युत तारों से हो रहे हादसे
पुखरायां के गदाई खेड़ा गांव में जर्जर तार छतों के ऊपर से निकले हुए हैं। जो ढीले होने के कारण हवा में झूलते रहते हैं। जिन घरों के ऊपर से तार निकले हुए हैं, उनकी छतों पर बच्चों को नहीं जाने दिया जाता है। कई बार अधिकारियों से ग्रामीणों ने तार हटवाने की मांग की पर कोई सुनवाई नहीं होती है।
गांव के जयराम पाल, शैलेंद्र पाल, राजाराम, मनोज कुमार पाल, रामअवतार, प्रहलाद, भगवानदीन, गोरेलाल ने बताया कि गांव में बिजली के पुराने तार लगे हुए हैं। जो जर्जर हो चुके हैं। जिनको कसे जाने पर टूट जाते हैं। हमेशा दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। थोड़ी से चूक होने पर जान का जोखिम हो जाता है। अधिशासी अभिंयता कुलदीप यादव ने बताया कि ग्र्रामीणों ने विद्युत तारों के नीचे मकान बना लिए हैं।
