कानपुर । कानपुर नगर निगम के साथ ही प्रदेश के सभी निगमों में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। दोपहर को शुरू हुए प्रदर्शन में निगम के सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और एलआईयू के जवान भी मौजूद रहे। वहीं काम कराने के लिए आये हुए लोगों के स्टाफ न होने की वजह से लंबा इंतजार करना पड़ा। सबसे ज्यादा भीड़ जन्म-मृत्यु कार्यालय में रही।
उत्तर प्रदेश में कानपुर समेत 17 निकाय क्षेत्रों में आज 30 सूत्रीय मांगों को लेकर नगर निगम कर्मी धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आंदोलन के लिए कर्मचारी संगठनों ने भी कमर कस ली है। लखनऊ में 16 जुलाई को हुए सम्मेलन में इस पर कर्मचारी नेताओं ने फैसला लिया था। प्रदेश के सभी नगर निगम मुख्यालयों पर दोपहर 12 से 3 बजे तक धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया जाएगा। इस दौरान काम प्रभावित रहेगा।
यूपी स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के महामंत्री रमाकांत मिश्रा ने बताया कि स्थानीय मांग पत्र तैयार किए गए हैं। इसमें कर्मचारियों के हक की आवाज उठाई जाएगी। 30 सूत्रीय व 7 सूत्रीय महत्वपूर्ण मांगों को लेकर प्रदर्शन किए जाएंगे। गुरुवार को 3 घंटे धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया जाएगा। मांगे नहीं मांगी गई तो 7 अगस्त को काम बंद किया जाएगा। इसके बाद 27 अगस्त को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
सैलरी में कमियां, लिपिक राजस्व, ड्राइवर, कंप्यूटर, सफाई कर्मचारियों का प्रमोशन, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का पीएफ और ईएसआई की सुविधा मिले, खाली पदों पर स्थाई नियुक्ति, 2012 में निकाले गए कर्मचारियों की बहाली, नगर निगम कर्मियों को हाउस टैक्स और वाटर टैक्स में छूट, 7वें वेतन आयोग के आधार पर दूसरे शनिवार और रविवार में कार्य करने पर भत्ता मिले समेत अन्य मांग हैं।
2021-07-29
