कानपुर। साइबर अपराधी नए-नए अपराधिक हथकंडे अपनाकर लोगों की गाढ़ी कमाई पर झाड़ू लगाने का काम लगातार करते जा रहे हैं। वही भोले भाले पीड़ित अपना दर्द लिए पुलिस के चक्कर लगाते लगाते थक गए हैं। ऐसे अपराधियों पर पुलिस भी पूर्णतया शिकंजा नहीं कस पा रही है जिससे इनके हौसले बुलंद हैं। यह अपराधी पुलिस से भी बात करने में नहीं डरते। ऐसे बात करते हैं जैसे उन्हें ठगी करने का लाइसेंस मिला हुआ हो और पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। देश में ही बैठे ठग खाते में पैसे मंगा कर ठगी कर ले रहे हैं लेकिन हमारा सुरक्षा तंत्र गाहे-बगाहे ही ऐसे जाल साजों पर कार्रवाई कर उन्हें पकड़ पाती है।
कानपुर मेट्रो में इलेक्ट्रिशियन का काम करने वाले गोपाल गुप्ता ने बताया कि उसके नंबर पर फोन आया की वह लखनऊ विकास भवन से बोल रहा है।तुमने जो धानमंत्री आवास योजना का जो फार्म भरा था उसमें तुम्हारी पात्रता सुनिश्चित हुई है। तुम्हारे खाते में 3 लाख पच्चीस हजार रुपए भेजने हैं। इसके लिए तुम्हें ₹13000 पहले भेजने होंगे। मेरे द्वारा 5000 और ₹2000 बताए गए खाते में डाले। जिसके बाद युवक और पैसे डालने का दबाव बना रहा है। अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस से की है।
