फतेहपुर में पहली बार बावरिया गिरोह का सरगना गिरफ्तार, सर्राफ लूटकांड को लेकर किया चौंका देने वाला खुलासा
फतेहपुर में कई वारदातों को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय बावरिया गिरोह का सरगना बृजपाल पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। जहानाबाद में मुरली ज्वैलर्स के यहां की 20 लाख रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने उसे एक साथ घनश्याम के साथ नगुवापुर मोड़ से गिरफ्तार किया है। दोनों से तमंचा और चोरी के जेवरात बरामद हुए हैं। गिरोह के छह सदस्य फरार हो गए। सरगना ने पूछताछ में स्वीकार किया, उसने सैकड़ों चोरियां कीं और नामजद होने के बावजूद कभी पकड़ा नहीं गया। यह पता चला कि उसका बेटा राजस्थान के नागौर जिले में आइएएस की तैयारी कर रहा है। वह बड़ा अफसर बनना चाहता है। घनश्याम भी एमएससी कर रही बेटी को अफसर बनाना चाहता है। सरगना ने पूछताछ में सर्राफ का झूठ भी खोल दिया। बोला-20 लाख नहीं, केवल तीन लाख रुपये की चोरी की थी। उधर, एसपी राजेश कुमार ङ्क्षसह ने बताया, सरगना समेत सभी सदस्यों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जायेगी।
यह है पूरा मामला: बता दें, 21 जुलाई की रात जहानाबाद कस्बा स्थित मुरली ज्वैलर्स के यहां छत से नकब लगा नकदी और जेवर मिलाकर करीब 20 लाख रुपये की चोरी हुई थी। सर्राफ मनोज कश्यप ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी ने राजफाश के लिए स्वाट प्रभारी विनोद मिश्र और सर्विलांस प्रभारी सुनील यादव को लगाया था। बुधवार देर रात बिंदकी के नगुवापुर मोड़ से बावरिया गिरोह के सरगना बृजपाल उर्फ वैज्ञानिक और घनश्याम निवासी धनपुरा थाना कादर चोक जिला बदायूं को गिरफ्तार कर लिया। दोनों बनारसी दास पछहियां मोहल्ला, जिला औरैया में रह रहे थे। पुलिस को चकमा देकर अन्य सदस्य मनीष, कैलाश बावरी, प्रभूदयाल, आनंद, सीताराम निवासी बनारसी दास पछहिया मोहल्ला जिला औरैया और रामनरेश निवासी धनपुरा थाना कादरचोक जिला बदायूं फरार हो गए, जिनकी तलाश चल रही है। एएसपी राजेश कुमार ने बताया कि 20 लाख की चोरी की बात निराधार है। आरोपितों और सर्राफ मनोज कश्यप से आमने-सामने लाया गया तो पता चला कि गिरोह ने पांच किलो चांदी और कुछ नकदी ही चोरी की थी। तिजोरी काटने का प्रयास किया, मगर सफल न हुए। दूसरे दिन घनश्याम अपने फरार साथी आनंद के साथ फिर उसी दुकान के पास रेकी करने आया था, लेकिन पुलिस की चहल पहल देखकर फरार हो गए थे। चोरी की चार किलो चांदी को औरैया के पछहिया मोहल्ला स्थित एक दुकान में 91 हजार रुपये की बेच दी थी। सभी सदस्यों के हिस्से में 13-13 हजार रुपये ही आया था। एसपी ने बताया कि बृजपाल समेत गिरोह के सदस्यों पर बंगाल, उड़ीसा, राजस्थान, केरल और उत्तर प्रदेश के कासगंज, कानपुर देहात व अब जहानाबाद चोरी, आर्म्स एक्ट, लूट, डकैती आदि के 15 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
ये हुई बरामदगी: चोरी की बाइक, 15 जोड़ी चांदी की पायल, 18 जोड़ी बिछिया, चार जोड़ी चांदी की अंगूठियां, दो जोड़ी राखी, एक-एक श्रीगणेश व लक्ष्मी की मूर्ति, एक सफेद कटोरी, एक गिलास, तीन चम्मच, 12 बोर के दो तमंचे, दो कारतूस व 12 हजार 100 रुपये नकद बरामद किए गए हैैं।
हाफ पैंट और कुर्ता पहनकर करते थे वारदात: बावरिया गिरोह के सदस्य ज्वैलर्स की दुकानों को ही निशाना बनाते हैं। चार दिन पहले रेकी करने आते हैं। घटना वाले दिन किराए की बोलेरो गाड़ी से आते हैं। आसपास के पेड़ों से लकड़ी काटकर सीढ़ी बनाते हैं, फिर नकब लगाकर दुकान में घुसते हैैं। इससे पहले वाहन मेंं कपड़े बदलकर हाफ पैंट व कुर्ता पहन लेते हैं। दुकान में जाते ही सीसीटीवी कैमरा तोड़कर डीवीआर व जेवरात लेकर फरार हो जाते हैं।
टीम को 25 हजार रुपये का मिलेगा इनाम: एसपी ने टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। टीम में स्वाट प्रभारी विनोद मिश्र, सर्विलांस प्रभारी सुनील यादव, जहानाबाद एसओ राकेश पांडेय, उपनिरीक्षक रोहित कुमार, हेड कांस्बेटल राजेश सिंह, जावेद, कन्हैयालाल, शिवेंद्र सिंह, पंकज, अतुल त्रिपाठी, विपिन मिश्रा, अजय पटेल, अमित दुबे, मयंक दीक्षित, जितेंद्र कुमार, सचिन चौधरी, वेदप्रकाश शामिल हैं।
