प्रेम प्रसंग,नशाखोरी व परीक्षा में असफलता आत्महत्या में बना बड़ा कारण…ज्योति बाबा

कानपुर , आधुनिक खुलेपन के आसमान में युवाओं को मिली आजादी उन्हें आत्महत्या की कगार में भी पहुंचा रही है राष्ट्रीय अपराध नियंत्रण ब्यूरो की 2017-19 की रिपोर्ट पर गौर करें तो 14 से 18 वर्ष के बीच आयु वर्ग के 24568 बच्चों ने प्रेम प्रसंग व परीक्षा में असफलता के चलते आत्महत्या कर ली,यह हाल ही में सरकार द्वारा संसद में पेश आंकड़े की भयावह तस्वीर उजागर करती है उपरोक्त बात सोसायटी योग ज्योति इंडिया व राष्ट्रीय युवा हिंदू वाहिनी के संयुक्त तत्वाधान में नशा हटाओ कोरोना मिटाओ हरियाली बढ़ाओ बच्चों को आत्महत्या से बचाओ अभियान के तहत आयोजित संगोष्ठी शीर्षक देश में बढ़ती युवा आत्महत्या कारण और निवारण पर अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख योग गुरु ज्योति बाबा ने कही, ज्योति बाबा ने आगे बताया कि युवा आज मोबाइल मेनिया का शिकार बनकर खेलकूद की गतिविधि से दूर हो चुका है परिणाम स्वरूप नशाखोरी,प्रेम रोग व प्रदूषण के कॉकटेल से बीमार बनकर आत्महत्या में प्रवृत्ति हो रहा है जो उम्र पढ़ने खेलने की होती है उस उम्र में मोबाइल ज्ञान के चलते प्रेम रोग व नशाखोरी करने से एकाकीपन का शिकार होकर अपनी जिंदगी का दुश्मन बन बैठा है ,संगोष्ठी का संचालन हर्षवर्धन त्रिवेदी व धन्यवाद समाजसेवी दीपक सोनकर ने दिया,अंत में सभी को बच्चों को स्वस्थ वातावरण दिलाने हेतु प्रयास करने कि ई-शपथ योग गुरु ज्योति बाबा ने दिलाई,अन्य प्रमुख प्रीति सोनी मंडल अध्यक्ष,रोहित कुमार नारायण मिश्रा योगी,नवीन गुप्ता मानवाधिकारवादी गीता पाल, सिंगर यशस्वी बाजपेई,संगीता तिवारी,अनिल सिंह चंदेल,प्रदीप केडिया, निर्मला राठौर,संगीता,दीक्षित दीप्तिअवस्थी,विनीता सिंह, हर्ष सोनी,संगीता गुप्ता,नीतू गुप्ता इत्यादि थी !

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