सोचना जरूर
हम लड़ सकते नहीं
बोल सकते नहीं
लिख सकते नहीं
जो लड़ रहा बोल रहा उसका मनोबल तोड़ने का काम निरंतर वह तो कर ही रहे हैं जो गलत निर्णय कर ब्यापार का गला घोंट रहे हैं
बल्कि जो सम्मानित लोग लड़ रहे हमारी आवाज़ बन रहे हैं हमारे ब्यवसाय को सही सुरक्षित चले ऐसा रास्ता दिखा रहे हम उनका मनोबल न बढाकर उनका सहयोग न करके ऐसा सोचते हैं जी श्री चरनजीत तलवार जी शेषमणि जी चरण आहूजा जी साबिर भाई श्री बलबीर सिंह जी श्री महेश तलरेजा जी तो बोल ही रहे लिख ही रहे हैं कोशिस कर ही रहे है
तो आप गलत सोच रहे हैं आप ऐसे जुझारू लोगों का साथ दीजिए लिखिए पढ़िए उनका हौंसला बढ़ाइए
अन्यथा जिस दिन उनका हौंसला गिर गया कोई आपकी आवाज़ बुलंद नहीं करेगा सिर्फ राज करेगा जैसा कर रहे हैं
आप सम्मानित लोग जिन्होंने हमारी लड़ाई लड़ी उनका सम्मान कीजिये हौंसला बढ़ाइए
नहीं तो यह ग्रुप भी और ब्यापार भी बोलने लिखने मुद्दों पर चर्चा के लिये नहीं
रहेगा
सिर्फ जन्मदिन की बधाई और डेथ पर सोक मनाने वाला ही बचेगा किसी भाई को कुछ बुरा लगे तो माफ़ कर देना
क्योँ की हम सिर्फ अपना भला चाहते हैं बस
साधारण सभा का फैसला इन लोगो ने सारी बुराई सहकर सुनकर संरक्षक गणों से मान मनुहार निवेदन कर कराया उसके बाद भी यूनियन की शांति देखते ही बनती हैं
बल्कि मैंने तो सुना हैं की कार्यकारिणी में साजिस कर कुछ बवाल भी इस मुद्दे के लिये किया कराया गया भला हो श्री प्रमोद चौधरी संरक्षक जी का जिनकी वजह से सभा बुलाने की बात हुई हैं 
