कानपुर
कानपुर पुलिस कमिश्नर ने पुलिस पर दाग लगाने वाले 8 दरोगा और 3 कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है बता दे कि लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद गुरुवार को आचार संहिता हटते ही पुलिस कमिश्नर एक्शन मोड पर आ गए। पुलिस कमिश्नरेट में काम में लापरवाही, विभागीय जांच में दोषी पाए जाने वाले, अनुशासनहीनता और पुलिसकर्मियों की करतूतों से विभाग की छवि धूमिल करने के मामले में पुलिस कमिश्नर ने एसओ सीसामऊ समेत 11 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित पुलिस कर्मियों में आठ दरोगा और तीन कांस्टेबल शामिल हैं। इतने बड़ी कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा पड़ा है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर ने बताया कि 29 मई को बर्रा में दुकान बंद होने के बाद मीट देने से मना करने पर रतनलाल नगर निवासी दुकानदार शुभम सिंह गौतम और उनके कर्मचारियों से मारपीट करने वाले एसओ सीसामऊ हिमांशु चौधरी और ग्वालटोली थाने में तैनात दरोगा अरुण कुमार को निलंबित किया गया हैं। वहीं एसओ सीसामऊ विभागीय जांच में भी दोषी पाए गए थे। सचेंडी में सब्जी विक्रेता सुनील राजपूत की मौत के मामले में आरोपी बनाए गए दरोगा सतेंद्र कुमार यादव और कांस्टेबल अजय कुमार यादव को भी निलंबित किया गया है। इसके साथ ही शादीशुदा होते हुए युवती से दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे रावतपुर थाने में तैनात दरोगा सचिन कुमार मोरल को भी निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा जूही थाने में तैनात दरोगा कुलदीप यादव कोर्ट की आदेशों की अवहेलना करने, काकादेव थानाक्षेत्र के शास्त्री नगर चौकी इंचार्ज तेज प्रकाश सिंह पर विवेचना के दौरान पीड़ित से अनुचित लाभ लेना और लापरवाही करने के आरोप में निलंबित किया गया है। वहीं रेल बाजार थाने के चौकी फेथफुलगंज चौकी इंचार्ज पंकज जायसवाल पर कई आरोप हैं और जांच और विवेचना में भी लापरवाही पाए गई है। जिसकी वजह से उन्हें निलंबित कर दिया गया है। इधर चकेरी थाने में तैनात दरोगा पंकज मिश्रा पर विवेचना में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया है।
उधर वहीं किदवई नगर थाने में तैनात सिपाही मोहम्मद इमरान की कार्यशैली से पुलिस की छवि धूमिल हुई है। इसी तरह घाटमपुर के आरक्षी पैरोकार हरविंदर सिंह पर कोर्ट से फाइल लेकर समय से जमा न करने के आरोप में निलंबित किया गया है। एडिशनल सीपी का कहना था कि जो पुलिसकर्मी विभाग की छवि बिगाड़ेंगे उनकी कतई नहीं बख्शा जाएगा।
