कानपुर

 

महाराजपुर थाना क्षेत्र गौरिया गांव में नाबालिक किशोर द्वारा फांसी लगाने के बाद पोस्टमार्टम होने के पश्चात जब शव गांव पहुंचा तब ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया और पुलिस शासन के खिलाफ नारे लगाते हुए पारिवारिक जनों को 25 लख रुपए का मुआवजा व सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की। मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने समझा बुझा कर सभी को शांत किया और अंतिम संस्कार कराया। इधर राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और मुआवजा से संबंधित लिखा पढ़ी की। महाराजपुर के गौरिया गांव निवासी मजदूर दीपक पाल का 14 वर्षीय बेटा शिवा ने बीते दिन फांसी लगा ली थी। परिजनों का आरोप हैं कि कल शिवा जानवरों को चराने के लिए गया हुआ था वहीं पर पड़ोसी गांव के कुछ युवक क्रिकेट खेल रहे थे इसी दौरान किसी का मोबाइल चोरी हो गया था मोबाइल चोरी के मामले को लेकर पुलिस ने शिवा के ऊपर आरोप लगाते हुए मोबाइल देने या रुपए देने की बात कही थी। इस बात से शिवा परेशान था और उसमें फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों में आरोप लगाया है कि पुलिस वालों में धमकी दी थी कि अगर मोबाइल नहीं दिया तो तुमको जेल भेज दिया जाएगा। इसी बात को लेकरवह सुबहसे परेशान था और उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।शव के गांव में आने पर ग्रामीणों के साथ परिजनों ने सड़क जाम कर दी और पुलिस के साथ-साथ प्रदेश सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए हुए नारेबाजी की।

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