*बिग न्यूज अपडेट*
*गर्भवती संविदा कम्प्यूटर ऑपरेटर के उत्पीड़न में केस्को अधिकारियों को हो सकती है तीन माह की जेल*
*पैसा और नौकरी देने को तैयार केस्को लेकिन पीडिता ने की जेल भेजने की मांग*
*दलित महिला कम्प्यूटर ऑपरेटर ने प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम में केस्को अधिकारियों को तीन माह का कारावास की मांग की*
सर्वोदय नगर डिवीजन केस्को की कम्प्यूटर ऑपरेटर कीर्ति सोनकर मेसर्स वज्र सिक्योरिटी के अंतर्गत संविदा पर कम्प्यूटर ऑपरेटर पद पर सर्वोदय नगर डिवीजन में तैनात थी
गर्भवती होने पर कम्प्यूटर ऑपरेटर ने प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम 1971 के तहत मेसर्स वज्र सिक्योरिटी और केस्को अधिकारियों से छुट्टी के लिए आवेदन किया कीर्ति सोनकर को छुट्टी दे दी गई लेकिन छुट्टी के दौरान ही सहायक अभियंता सर्वोदय नगर प्रवीण शर्मा ने एक लड़की को उसकी जगह रख लिया, कीर्ति सोनकर जब छुट्टी से वापस आई तो केस्को अधिकारियों ने उसे नौकरी पर रखने से इंकार कर दिया मामले में केस्को एमडी सैमुअल पॉल एन के आदेश के बाद भी महिला कम्प्यूटर ऑपरेटर को नौकरी पर नहीं रखा गया
कीर्ति सोनकर द्वारा श्रम न्यायालय कानपुर में वाद संख्या 74/2024 राम लखन पटेल के समक्ष प्रस्तुत किया गया
जिसमें केस्को के वकील डी0के0 दीक्षित द्वारा कहा गया कि अब केस्को नौकरी व पैसा देने को तैयार है लेकिन कीर्ति सोनकर ने केस्को अधिकारियों को सजा देने की मांग की कीर्ति सोनकर की ओर से पैरवी कर रहे केस्को महामंत्री दिनेश सिंह भोले ने कहा कि पैसा व नौकरी तो पीडित का अधिकार है ही पर केस्को अधिकारियों को प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम 1971 के तहत तीन माह की कारावास की सजा भी दी जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार का उत्पीड़न किसी गर्भवती महिला के साथ न हो
मामले में अगली सुनवाई 19 सितम्बर को होगी
