*रैयत पर उसके मजहबी अकाइद की बिना पर ज़ुल्म ओ तशद्दुद न सिर्फ गैर इखलाकी है,बल्कि तालीमात ए इस्लाम के मनाफी भी है: सूफ़ी कौसर मजीदी।*
कानपुर। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन ने,कड़ा विरोध जताते हुए बांग्लादेशी हुकूमत की निंदा की है,और फौरन ऐसे मामलों पर रोक लगाने की मांग की है।
इस संबंध में बयान जारी करते हुए,सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन राष्ट्रीय अध्यक्ष सूफी मोहम्मद कौसर हसन मजीदी ने कहा कि,रैयत पर उसके मजहबी अकीदे की बुनियाद पर ज़ुल्म करना न सिर्फ गैर इखलाकी है बल्कि इस्लामी तालीमात के खिलाफ भी है।
उन्होंने कहा कि इस्लामी कानून की सबसे बड़ी किताब कुरान ए मुकद्दस और फ़रमान ए मुस्तफा यानी हदीस में कोई भी ऐसा हवाला नहीं मिलता जिसमें रियाया पर उसके मजहबी अकीदे की बुनियाद पर ज़ुल्म किया जाए।
उन्होंने कहा कि बेशुमार ऐसे मामले हैं जिनमें अल्लाह के हबीब हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम ने और तमाम ख़ुल्फ़ा ए राशिदीन और आइम्मा ने अपने इंसाफ से इस बात को साबित किया है। उन्होंने कहा कि एक वाकिया याद आता है जब दूसरे खलीफा ए राशिद सैयदना उमर इब्न खत्ताब रदि अल्लाह अन्ह ने,एक बूढ़े शख़्श को सड़क पर भीख मांगते हुए देखा तो उसके बारे में पता किया तो मालूम हुआ कि वो एक गैर मुस्लिम ईसाई है।इस पर उन्होंने यह कहते हुए कि जब तक ये काम करने के काबिल था इसका इस्तेमाल किया गया,और जब इसमें ताकत नहीं रही तो इसे तनहा छोड़ दिया गया,हम इसे यूं नहीं छोड़ सकते, उन्होंने फौरन उस ईसाई के लिए पेंशन/वजीफा जारी करने का हुक्म दिया। सूफ़ी कौसर मजीदी ने कहा कि जो इस्लाम हुकूमत से बेसहारा गैर मुस्लिम की हुकूमत से मदद को कहता हो,वो मजहब की बुनियाद पर कैसे अपनी प्रजा पर अत्याचार की अनुमति दे सकता है।
उन्होंने कहा कि दरअसल इस्लामी ब्रदरहुड की सोच वाले जमाते इस्लामी बंगलादेश के लोग जिनका ख़ुद का इतिहास “मुक्ति संग्राम” में निर्लज्ज हत्याओं और बलात्कारों से भरा हुआ है,वहीं सब हुकूमत ए बांग्लादेश में बैठ कर इस्लाम के नाम पर गैर इस्लामी काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हुकूमते बांग्लादेश के इस जालिमाना काम की हिंदुस्तान के मुसलमान मुखालिफत करते हैं और हुकूमते बांग्लादेश को तंबीह करते हैं कि वो इन ग़ैर इंसानी हरकतों को रोके, उन्होंने भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए निर्दोषों की हत्या और महिलाओं के साथ बलात्कार रोकने को लेकर कड़े कदम उठाने की मांग की।
