कानपुर। संभावित तीसरी लहर को लेकर शासन के निर्देश पर कानपुर जिले में आज शुक्रवार को मॉक ड्रिल शुरू हो गयी है। शहर के सभी सरकारी अस्पताल में मॉक ड्रिल का पूर्वाभ्यास कराया जा रहा है। इसकी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पूरी तैयारी एक दिन पहले ही कर ली थी। वहीं सभी अस्पतालों में एक एक नोडल अधिकारी भी तैनात कर दिया गया हैं।
तीसरी लहर से पहले शासन स्तर से जिले के सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। इन सरकारी अस्पतालों में कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाये जा चुके हैं। वहीं पीआईसीयू-आईसीयू वार्ड बनाये गए हैं। सभी अस्पतालों में मेडिकल टीमें तीसरी लहर में कोविड के मरीजों का उपचार कैसे होगा, यह अभ्यास आज किया गया। अगर एकदम से ज्यादा संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचते है तो उनको कैसे संभाला जायेगा। उसके बाद इन मरीजों की कौन कौन सी जांचें होंगी यह सभी ड्रिल में डॉक्टरों ने लखनऊ से आयी टीम को बताया। सीएमओ डॉ नेपाल सिंह ने बताया कि आज कानपुर में कोविड 19 अस्पतालों में मॉक ड्रिल किया गया। हैलट और कांशीराम में ड्रिल की जा रही है। इसकी पूरी तैयारी एक दिन पहले ही कर ली गई थी। तीसरी लहर में कैसे मरीजों को बेहतर उपचार दिया जाए यह सब मॉक ड्रिल में किया जाएगा। इसके अलावा तैयारियों को परखने की कवायद में आज बिल्हौर घाटमपुर कल्याणपुर और बिधनू में तैयारियों का जायजा भी लिया।
कोरोना की तीसरी हर बच्चो के लिया घातक बताई जा रही है, इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पहले से ही अलर्ट मोड पर है। तीसरी लहर में आने वाले खतरे से निपटने के लिए शहर के हैलट और कांशीराम अस्पताल में बने पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) और नीकू (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) सेंटर पहले से तैयार है, मॉक ड्रिल में इन सेंटर पर व्यवस्थाओं को परखने के लिए शासन के निर्देश पर आज ड्रिल की गई। हैलट अस्पताल के मेटरनिटी विंग के कोविड पीकू में मॉक ड्रिल किया गया, हैलट की तैयारियां देख कर लखनऊ से आयी टीम काफी खुश नज़र आयी और प्राचार्य डॉ संजय काला और अन्य स्टाफ की सरहाना की। ड्रिल में वहां भर्ती एक बच्चे को 4-5 डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चलाया गया। कौन सा डॉक्टर वेंटिलेटर, कौन मॉनिटर और अन्य उपकरणों पर ध्यान देगा, यह सब लखनऊ से आये निरीक्षण डॉ नीरज यादव ने देखा। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल संजय काला भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया, उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के मुताबिक कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर तैयारियां बहुत हद तक पूरी कर ली जा चुकी है और जो कमियां अभी है उन्हें भी जल्द दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया डबल्यूएचओ की टीम के सदस्य भी पीकू नीकू में अबतक की गई तैयारियों को लेकर रिपोर्ट शासन को अभेजेंगे।
बच्चों के लिए घातक बताई जा रही तीसरी लहर को लेकर शासन की तरफ से पीकू और नीकू सेंटर शहर के प्रशासन ने सबसे पहले तैयार किये थे। इन सभी सेंटरों को ऑक्सीजन प्लांट से जोड़ दिया गया है, साथ ही विशेषज्ञ डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाप को भी विशेष तौर पर प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जो केयर यूनिट पर तैनात रहेंगे। इन सभी सेंटरों की खास बात यह है कि इनमे वीडियो कांफ्रेंस की सुविधा रहेगी। अगर किसी सीनियर डॉक्टर से किसी मरीज या बच्चे के इलाज में कुछ परामर्श करना है तो यह सुविधा काफी फायदेमंद साबित हो सकेगी।
