पढ़ाई के लिए पैसे न दे पाया पिता, बेटी ने लगा ली फांसी, मजदूरी नहीं मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार
कानपुर देहात में सिकंदरा थाना क्षेत्र के दयानतपुर गांव में स्कूल में प्रवेश व किताबें खरीदने के लिए रुपये न मिलने पर छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसने दोपहर में पिता से सात सौ रुपये मांगे थे। वहीं पिता ने काम मिलने पर रुपये देने की बात कही थी।
शाम को अनहोनी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। दयानतपुर गांव निवासी सुधीर मजदूरी करता है। उसकी पुत्री शिवानी (14) ने इसी वर्ष कांधी गांव स्थित अन्नपूर्णा इंटर कॉलेज से कक्षा आठ उत्तीर्ण किया था। अब नौवीं में उसका प्रवेश होना था।
बताते हैं कि गांव की कुछ सहेलियां दो दिन पहले कॉलेज गई थी। इस पर शिवानी ने उसने जानकारी की तो उन्होंने फीस व किताबों आदि के लिए सात सौ रुपये की जरूरत बताई थी। इधर स्कूल खुलने की बात कह शिवानी ने शुक्रवार को पिता से रुपये मांगे थे।
मजदूरी न मिलने का हवाला देकर पिता ने जल्द रुपये का इंतजाम करने की बात कही थी। वहीं शनिवार को भी पिता को मजदूरी नहीं मिली तो दुखी होकर शिवानी ने शाम को कमरे में दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला तो मां सीमा कमरे में पहुंची। बेटी का शव फंदे से लटका देख उसकी चीख निकल गई। अनहोनी पर मां, छोटा भाई मनीष व पिता रोने बिलखने लगे।
मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सुधीर ने पुलिस को बताया कि काफी दिनों से मजदूरी नहीं मिली है। आर्थिक तंगी से किसी तरह से गुजर बसर कर रहा है। मजदूरी मिलने पर बेटी को रुपये देने की बात कही थी, लेकिन शाम को उसने फांसी लगा ली।
सिकंदरा थाने के दरोगा केपी सिंह ने बताया छात्रा का शव पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं कांधी के अन्नपूर्णा इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज तिवारी ने बताया कि सितंबर में स्कूल खुलना है। अभी किसी बच्चे से फीस नहीं मांगी गई है।
