कानपुर देहात के शिवली कस्बे में बनाए जा रहे पशु अस्पताल का शनिवार को एसडीएम मैथा ने निरीक्षण किया। बाउंड्रीवॉल में घटिया ईंटों व अन्य सामग्री का प्रयोग मिलने पर उन्होंने काम बंद करा दिया। अब कार्यदायी संस्था से मानकों का ब्योरा तलब किया है।
शिवली में उत्तर प्रदेश पावर प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड को पशु अस्पताल बनाने का काम मिला है। करीब 44 लाख रुपये की लागत से पशु अस्पताल बनाया जाना है। निर्माण में घटिया सामग्री व ईंट प्रयोग की शिकायत ग्रामीणों ने एसडीएम मैथा से की थी। इस पर शनिवार को एसडीएम ने निर्माण का स्थलीय निरीक्षण किया।
यहां कस्बे के साहुल दीक्षित, मनीष कुमार, विजय कुमार, राजकुमार ने एसडीएम को बताया कि निर्माण में बेहद घटिया किस्म की ईंटों को लगाया जा रहा है। निर्माण सामग्री भी मानक के अनुरूप नही लगाई जा रही है। एसडीएम ने मानक के अनुसार सामग्री प्रयोग नहीं मिलने पर काम रुकवा दिया।
पूर्व सीडीओ ने भी लगाई थी काम पर रोक
शिवली में पूर्व सीडीओ जोगिंदर सिंह से ग्रामीणों ने शिवली में बन रहे पशु अस्पताल में घटिया सामग्री के प्रयोग की शिकायत की थी। इस पर उन्होंने जांच बिठाकर काम पर रोक लगाई थी। हालांकि सीडीओ का तबादला होने पर ठेकेदार ने काम शुरू कर दिया।
नहीं लगाया सूचना बोर्ड
शिवली के पशु अस्पताल बनाने में ठेकेदार मनमानी कर रहा है। निर्देश के बाद भी कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड भी नहीं लगा है। शनिवार को निरीक्षण के दौरान सूचना बोर्ड नहीं मिलने पर एसडीएम मैथा ने कड़ी नाराजगी जताई। एसडीएम ने कहा कि पिछले वर्ष निरीक्षण के समय बोर्ड लगाने को कहा गया था। अभी तक सूचना बोर्ड लगाया नहीं गया है।
ग्रामीणों की शिकायत पर शिवली में निर्माणाधीन पशु अस्पताल का निरीक्षण किया गया है। बेहद खराब किस्म की ईंटें व कंक्रीट मसाला प्रयोग किया जा रहा है। काम को रोककर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को तलब किया गया है। – रामशिरोमणि, एसडीएम मैथा
पशु अस्पताल निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री उपयोग करने की जानकारी नहीं है। ठेकेदार को मानक के अनुसार काम करने का निर्देश दिया गया है।
