मस्जिदों को वक्फ बोर्ड में दर्ज कराने के लिये मुहिम चलायेगी जमीअत उलमा

जमीअत उलमा की बैठक में 10 दिवसीय महिलाओं का इज्तेमा आयोजित करने का फैसला

कानपुर :- मस्जिदों की हिफाज़त , महिलाओं के इज्तेमा , 4 सितम्बर को अमरोहा में होने वाले इज्लासे आम में शिर्कत और 12 रबीउल अव्वल को उठने वाले जूलूसे मुहम्मदी के सिलसिले में विचार-विमर्श करने के लिये जमीअत उलमा कानपुर के कार्यकारिणी सदस्यों की मासिक बैठक जमीअत उलमा के स्थानीय कार्यालय जमीअत बिल्डिंग रजबी रोड में नगर अध्यक्ष डा. हलीमुल्लाह खां की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में तय पाया कि जमीअत उलमा शहर कानपुर का एक प्रतिनिधि मण्डल कानपुर नगर की मस्जिदों के ज़िम्मेदारों से मुलाक़ात करके मस्जिदों को वक़्फ बोड में दर्ज कराने और तमाम सरकारी काग़ज़ों को दुरुस्त कराने के लिये दिशा-निर्देश देगा और इस काम में अपनी तरफ से हर संभव मदद करेगा।
बैठक में महिलाओं को दीन इस्लाम की सही फिक्र और ईमान व अक़ीदे की बुनियादी बातों से वाक़िफ कराने के उद्देश्य से छोटे-छोटे 10 दिवसीय ‘हमारी बेटियां बेदारी मुहिम‘ और ‘इस्लामी शरीअत में ख्वातीन का मक़ाम और उनका किरदार‘ के शीर्षक से 10 सितम्बर से 28  सितम्बर तक इज्तेमा आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
इसके बाद 4 सितम्बर को अमरोहा में होने वाले प्रदेश कार्यकारिणी के इज्लास में शिर्कत करने के लिये कानपुर के कार्यकारिणी सदस्यों के जाने की रूपरेखा तैयार की गयी। मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी बताया कि शहर कानपुर से 56 सदस्यों के नाम प्रदेश कार्यकारिणी में दर्ज हैं जिसमें लगभग सभी लोग इज्लास में शिर्कत करने के लिये अमरोहा तश्रीफ ले जायेंगे।
अंत में मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी ने 12 रबीउल अव्वल को उठने वाले ऐतिहासिक जुलूसे मुहम्मदी के सिलसिलमें विचार करने के लिये कहा। जिस पर बैठक में मौजूद वरिष्ठ सचिव जुबैर अहमद फारूकी ने कहा कि विभिन्न माध्यमों से आ रही जानकारी के अनुसार कोरोना की तीसरी लहर आने का खतरा है , इसलिये वक़्त और हालात को देखते हुए अभी इंतेज़ार किया जाये। नगर अध्यक्ष डा. हलीमुल्लाह खां ने कहा कि जुलूस के तमाम इंतेज़ामात पूरे किये जायेंगे, पूर्व की तरह काग़ज़ी कार्यवाईयां शुरू की जा रही हैं, अलबत्ता हालात के तहत अंतिम फैसला लिया जायेगा।
इससे पहले बैठक का शुभारम्भ मौलाना मुहम्मद समीन क़ासमी ने कुरआन पाक की तिलावत से किया। बैठक में नगर अध्यक्ष डा. हलीमुल्लाह खां, महासचिव मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी के साथ उपाध्यक्ष मौलाना नूरूद्दीन अहमद क़ासमी, मौलाना मुहम्मद अनीस खां क़ासमी, वरिष्ठ सचिव जुबैर अहमद फारूक़ी, हामिद अली अंसारी, मौलाना आफताब आलम क़ासमी, मौलाना अनीसुर्रहमान क़ासमी, मुफ्ती अब्दुर्रशीद क़ासमी, मुफ्ती मक़सूद अहमद नदवी, मौलाना अन्सार अहमद जामई, मुफ्ती मुहम्मद सईद खां क़ासमी, मौलाना मुहम्मद इनामुल्लाह क़ासमी, मौलाना मुहम्मद अक़ील जामई, क़ारी अनीस अहमद साबरी, मुफ्ती इज़हार मुकर्रम क़ासमी, क़ारी मुहम्मद शफीक़ जामई, मौलाना अमीर हमज़ा क़ासमी, मौलाना मुहम्मद सज्जाद खां, मौलाना मुहम्मद फरीदुद्दीन क़ासमी, मौलाना मुहम्मद सअद खां नदवी, मौलाना मुहम्मद उवैस जामई, हाफिज़ रिज़वान अहमद मक्की, मौलाना मुहम्मद जुनैद, मौलाना अबुल हसन क़ासमी, हाफिज रेहान अली, मुफ्ती मुहम्मद वासिफ क़ासमी, क़ारी बदरूज्ज़मां कुरैशी, परवेजुल्लाह खां, सादिक़ अमीन, मुहम्मद शफीक़ जामई और कार्यालय सचिव मुहम्मद साद के अलावद अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *