पद्मश्री गिरिराज किशोर जी की मनाई गई पुण्यतिथि आज 9 फरवरी 2025 को नागरिक मंच के तत्वाधान में पद्मश्री गिरिराज किशोर जी के निवास शूटर गंज कानपुर में पद्मश्री स्वर्गीय गिरिराज किशोर जी की पांचवीं पुण्यतिथि नगर के प्रमुख समाजसेवियों गांधीवादियों द्वारा उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा करके उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई उनके द्वारा रचित पुस्तक पहला गिरमिटिया पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गांधीजी के अफ्रीका प्रवास को लेकर लिखा था उसी पर उन्हें 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने सम्मानित किया था और 1998 99 में संस्कृत विभाग भारत सरकार द्वारा एमेरिटस फैलोशिप व भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान राष्ट्रपति निवास शिमला में फैलोशिप 1999 2001 में हुआ 23 मार्च 2007 साहित्य एवं शिक्षा के लिए पद्मश्री से विभूषित देश व प्रदेश द्वारा कई सम्मान मिले उपन्यास नाटक लघु का नाटक लेख निबंध लिखकर समाज को चेतना जगाने का काम किया कहानी संग्रह शहर दर शहर हम प्यार कर ले जगत रानी ढाई घर पेपर वेट रिश्ता जैसी कहानी बड़ी लोकप्रिय हुई वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नगर में जो भी सामाजिक कार्य होते थे उनका नेतृत्व करते थे लेखक के साथ-साथ समाज सेवी थें जैसे गांधी जी को भुलाया नहीं जा सकता उसी तरह पद्मश्री गिरिराज किशोर जी को नहीं भुलाया जा सकता जो उनका निवासशूटरगंज मैं है उस सड़क का नाम का लोकार्पण शीघ्र ही किया जाएगा जो नगर निगम द्वारा अनुमोदित हो चुका है बेटे अनीश ने पद्मश्री गिरिराज किशोर जी के बारे में कई वृतांत सुनाए उन्होंने कहा कि पिता के साथ-साथ वह अच्छे मित्र भी थे बेटी शिव सिंह ने भी अपने पिता को याद करते हुए कहा कि पिता ने हमेशा दोस्त की तरह व्यवहार किया संयोजक सुरेश गुप्ता ने अपने अध्यक्ष जी संबोधन में कहा कि कानपुर विश्वविद्यालय व आईआईटी में सेवारत रहकर काफी समय दिया वहां के प्रबंध तंत्र से वार्ता कर पद्मश्री गिरिराज किशोर जी के नाम शोधपीठ की स्थापना करने की मांग करेंगे श्री गुप्ता ने अब उनके ना रहने से हम लोग अनाथ से महसूस कर रहे हैं छोटे भाई नरोना ने पद्मश्री गिरिराज किशोर जी के बारे में अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा जो उनकी लिखी हुई पुस्तक हैं उनका संकलन कराकर विश्वविद्यालय एवं बौद्धिक प्रतियोगिता हुआ चर्चा कराई जाए जिससे कि उनके व्यक्तित्व उनके चित्र के बारे में नौजवान को ज्ञात हो सके नौशाद अलम मंसूरी ने पद्मश्री गिरिराज किशोर जी को याद करते हुए कहा कि गिरिराज किशोर जी को मैं अपना आदर्श मानता हूं उनके बताए हुए रास्ते पर चलने के लिए मैं हमेशा ततपर रहता हूं रहता हूं कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सुरेश गुप्ता ने की तथा संचालन छोटे भाई नारोना ने किया कार्यक्रम में मुख्य रूप से नौशाद अलम मंसूरी रंग कर्मी संजीवा श्री आरके वर्मा फारूक भाई आनंद शुक्ला अनीता मिश्रा गिरिराज किशोर जी की पत्नी ने सबको धन्यवाद व्यापित किया श्रीमती मीरा किशोर ने
2025-02-09
