डाक्टर और इंजीनियरिंग विभाग आमने सामने आ गये है

कानपुर। हैलट में दो नलकूप लगाए जाने को लेकर डाक्टर और इंजीनियरिंग विभाग आमने सामने आ गये है। परिसर में बोरिंग का काम शुरू किया जा चुका है। तय समय के बाद भी काम समाप्त नही होने और निश्चित दायरे से ज्यादा जगह घेरने पर बाल रोग विभागाध्यक्ष यशवंत राव ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिख कर किसी बड़ी अनहोनी घटना की आशंका जाहिर की है। राव का कहना हैं कि हैलट प्रशासन हस्तक्षेप कर कार्य को नियमानुसार कराये। वही इंजीनियरिंग विभाग का कहना हैं कि सभी कार्य मानकों के हिसाब से किये जा रहे है।

हैलट में दो नलकूप लगाए जाने का कार्य चल रहा है। जिसमें से एक बाल रोग विभाग के नजदीक लगाया जा रहा है, जबकि दूसरा पोस्टमार्टम हाउस के पास लगाया जाना है। बाल रोग और स्त्री रोग विभाग के बीच में लगने वाले नलकूप पर बालरोग विभागाध्यक्ष यशवंत राव ने एतराज जताया है। उनका कहना है कि 10 वाय 10 फीट की जगह पर बोरिंग का कार्य होना है। इसके बजाए इंजीनियरिंग विभाग ने बहुत ज्यादा जगह घेर कर खुदाई कर दी है। इससे HAL के सहयोग से बन रहे ऑक्सीजन के प्लांट को भी खतरा है। लिंडेन के ऑक्सीजन स्टोर के प्लांट तक बोरिंग की खुदाई पहुँच गयी है। वहां भी कोई घटना घट सकती है। राव ने कहा कि इससे मरीजों को लाने ले जाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। मिट्टी का ढेर काफी ज्यादा इकट्ठा है। बारिश में मिट्टी पूरे परिसर में फैलती है। जिसकी वजह से एंबुलेंस फंस जाती है। उनका आरोप है कि इस संदर्भ में लगातार जिम्मेदार इंजीनियरिंग विभाग के लोगों को फोन के द्वारा और व्यक्तिगत तौर पर कहा गया है। लेकिन उनकी कार्यशैली में किसी भी तरह का सुधार नहीं कर रहे हैं।

हैलट में नलकूप विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बालरोग विभागाध्यक्ष पूर्व में इस संदर्भ में 24 अगस्त को प्राचार्य संजय काला को भी पत्र लिख चुके है। लेकिन किसी भी तरह की कार्यवाही नही होने पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिख कर कारवाही की मांग की है।

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