कानपुर के बहुचर्चित अपार इंडिया शुगर एक्सचेंज की विभाग अध्यक्ष डॉ रेनू गुप्ता को मुख्यमंत्री व चिकित्सा शिक्षा मंत्री के आदेशों की पूरी तरह से अनदेखी करती नजर आई है मुख्यमंत्री व चिकित्सा शिक्षा मंत्री के स्पष्ट आदेश जारी हो चुके हैं कि किसी भी मेडिको लीगल पीड़ित को किसी भी अस्पताल में भारती किया जा सकता है परंतु अपार इंडिया शुगर एक्सचेंज की विभाग अध्यक्ष डॉक्टर रेनू गुप्ता पत्रकार को पाठ पढ़ती नजर आई जिनकी पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग हो चुकी है मामला थाना बेला जनपद औरैया के ग्राम मादा दासपुर का है जहां पर पीड़ित अलका कठेरिया के मारपीट के दौरान ग्राम प्रधान द्वारा मोटरसाइकिल चला कर उसके गर्भ पट को छत पहुंचने का प्रयास किया गया जिसका मुकदमा थाना बेला जनपद औरैया में दर्ज हो गया बिधूना सीएचसी से मेडिको लीगल के लिए कानपुर के अस्पताल में रेफर किया गया क्योंकि वहां पर संक्षिप्त उपचार की व्यवस्था नहीं थी जिस पर अलका कठेरिया कल दिनांक 3:30 के अपर इंडिया शुगर एक्सचेंज पहुंच गई परंतु उसको फुटबॉल की तरह कई घंटे तक नचाया गया डॉक्टर शैली की ओपीडी थी उनके अंदर में उनके समय पर उक्त महिला पहुंची थी परंतु उनके जूनियर डॉक्टरों ने भारती करने में काफी हीला हवाली की और भारती नहीं किया था इस बात की जानकारी होने पर इस संवाददाता ने अपार इंडिया की विभाग अध्यक्ष डॉक्टर रेनू गुप्ता से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि हमारे अस्पताल में मेडिको लीगल नहीं किया जाता है मेडिकल लीगल उर्सुला अस्पताल में ही होता है वहां डॉक्टर के पैनल द्वारा किया जाता है इस पर जब उनसे कहा गया कि माननीय मुख्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा मंत्री के स्पष्ट आदेश हैं कि उत्तर प्रदेश में पीड़ित किसी भी सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में मेडिको लीगल कर सकता है वह भर्ती हो सकता है इस पर वह काफी देर तक गोल-गोल उत्तर देती रही और लगातार यह कहती रही कि मेरे को लीगल वहां होता है जब उनसे कहा गया कि मरीज की स्थिति काफी गंभीर है उसके पेट में काफी दर्द हो रहा है और जख्मी हालत में है इसके बावजूद भी उनके द्वारा कोई राहत प्रदान नहीं की गई ना ही डॉक्टर शैली की यूनिट ने कोई राहत दी परंतु जैसे ही समय बिता वैसे ही मुख्यमंत्री व चिकित्सा शिक्षा मंत्री के आदेशों से वाकिफ डॉक्टर सीमा द्विवेदी ने उक्त गर्भवती पीड़ित महिला को अपनी यूनिट में भर्ती कर लिया और उसका उपचार शुरू कर दिया उपचार के दौरान पीड़ित के परिजन से लिखवा लिया गया कि वह कोई मेरे को लीगल की कार्रवाई नहीं करेगा यह कैसा गैर जिम्मेदाराना लिखित है यह सीधे मुख्यमंत्री व चिकित्सा शिक्षा मंत्री के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहा है जब स्पष्ट रूप से माननीय लोगों के आदेश हैं कि किसी भी अस्पताल में मेडिको लीगल व मरीज को भर्ती किया जा सकता है और उसका उपचार हो सकता है डॉक्टर शैली गुप्ता ने भर्ती क्यों नहीं किया यह सीधे-सीधे मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना ही नहीं बल्कि उनके आदेशों की धज्जियां उड़ाना वह इन दोनों डॉक्टरों की अधिकता जाहिर करती है कि इन्हें अपने मुख्यमंत्री के आदेशों तक की कोई परवाह नहीं है अब उक्त महिला का उपचार डॉक्टर सीमा द्विवेदी द्वारा किया जा रहा है जिससे यह साबित हो गया है की अपार इंडिया शुगर एक्सचेंज की विभाग अध्यक्ष वहां डॉक्टरों को मुख्यमंत्री के आदेशों की कोई परवाह नहीं है इस मामले में कार्रवाई हेतु माननीय मुख्यमंत्री व चिकित्सा शिक्षा मंत्री को लिखित तौर तक इन डॉक्टरों की करतूत भेजी जाएगी वह जिला अधिकारी कानपुर को भी व्हाट्सएप के माध्यम से व प्रचार कानपुर मेडिकल कॉलेज डॉक्टर संजय कला को भी अवगत कराया जा रहा है डॉक्टर रेनू गुप्ता की रिकॉर्डिंग वह डॉक्टर शैली गुप्ता की यूनिट की जूनियर डॉक्टर की रिकॉर्डिंग भी मौजूद है पीड़ित के पास अब देखना यह होगा कि इस मामले में प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज सेक्टर संजय कल वह जिला अधिकारी महोदय द्वारा उपरोक्त डॉक्टर के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है जिनको माननीय मुख्यमंत्री व चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ बृजेश पाठक के आदेशों की जानकारी नहीं है इसी तरह से यह लोग पीड़ित पक्ष को भारती ना करना पड़े तरह-तरह के हर ठंडा अपना कर मरीजों को अस्पताल से भगाया करते हैं गरीब व्यक्ति कोई इनके खिलाफ आवाज नहीं उठा पता है और अपना मरीज लेकर चुपचाप बेचारा चला जाता है यह बहुत गंभीर मामला है की एक पीड़ित महिला डर से कर रही थी और डॉक्टर यह उसे फुटबॉल की तरह नचा रहे थे सारा रिकॉर्ड अपार इंडिया शुगर एक्सचेंज में लगे कमरों में भी कैद है जिससे यह सब जाहिर हो जाएगा क्योंकि महिला कितने बजे अस्पताल आई और कितनी देर में उसे भर्ती किया गया और उसका क्या-क्या उपचार किस डॉक्टर की यूनिट द्वारा किया गया सारा रिकॉर्ड कैमरा में कैद हो चुका है और सच्चाई सबके सामने आ जाएगी
2025-02-22
