जिलाधिकारी कार्यालय मे बाबू दैनिक वेतन कर्मचारियों का कर रहे है शोषण जिलाधिकारी कानपुर नगर के कार्यालय मे कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को हर माहा 4500 का भुगतान किया जा रहा है व मेडिकल सुविधा तक नहीं है इनकी | इनके यहाँ के बाबू के अपने नियम है कि मानदेय भुगतान नकद के रूप मे किया जाता है क्योकि पैसा जो किसी के नाम से खाते है जबकि नियम 2014 मे आ चुका था कि किसी भी प्रकार का भुगतान नकद नहीं होना चाहिए बैंक से RTGS के माध्यम से हो | भुगतान मे भी खेल समझें भुगतान भी Adm city के हस्ताक्षर से होता है लेकिन अधिकारी को इन कर्मचारी पर ध्यान व दया की भी जरुरत नहीं समझते है जबकि यह कर्मचारी कई वर्षो से कार्यरत है विभाग के हाल की मार सबसे सबसे ज्यादा इन पर पड़ी रही है न ही इनके वेतन मे बढ़ोतरी हुई है ना ही इनका स्थायीकरण हुआ जबकि अन्य विभाग के कर्मचारी को मिनिमम 18000 मानदेय भुगतान हो रहा है या स्थायी कर्मचारी हो चुके है जब ये हाल जिलाधिकारी के कार्यालय कर्मचारी का है तो अन्य का क्या होगा | अब इनके बाबुओ और अधिकारी का तो पता ही चल रहा तो ये भी देख ले जिलाधिकारी कार्यालय मे कर्मचारी की तो वैसे भी बहुत कमी है तो इन कर्मचारी के वेतन बढ़ोतरी/ स्थायीकरण अधिकारी को कराने हेतु शासन को पत्राचार करना चाहिए क्योकि जो होता है वो सब अधिकारी को ही करना होता है तो इनके लिए तो ये लोग अपने जिलाधिकारी को भी बताना नहीं समझते है वही जिलाधिकारी को बगैर बताये बाबू की मर्जी से वेतन का फर्जी वाड़ा किया जा रहा है |
2025-02-26
