*बिग न्यूज अपडेट*
1998 में इंटरमीडिएट 1992 में ग्रेजुएट 😃
*केस्को के जालसाज पिता पुत्र के खिलाफ चेयरमैन यूपीपीसीएल आशीष कुमार गोयल ने बैठाई जाँच*
केस्को अधिकारियों को लगाई चेयरमैन आशीष कुमार गोयल ने फटकार कहा पूरी रिपोर्ट दीजिए सही से जाँच कीजिए
केस्कोअधिकारियों ने प्रिंसिपल क्राइचर्च कॉलेज के प्राचार्य की अधूरी रिपोर्ट दी थी
प्रिंसिपल क्राइचर्च कॉलेज ने रिपोर्ट में कहा था कि उनके कॉलेज में रिकार्ड की अनुपलब्धता है कानपुर यूनिवर्सिटी से संपर्क करें
*हाइकोर्ट इलाहाबाद, लेबरकोर्ट कानपुर में फर्जी शपथ-पत्र देकर हड़प लिया था केस्को में बाबू का पद और वेतनमान*
वर्ष 1990 में केस्को में विजय त्रिपाठी पुत्र आर0 एम0 त्रिपाठी की भर्ती चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में हुई थी नौकरी के दौरान ही विजय त्रिपाठी पुत्र आर0 एम0 त्रिपाठी ने क्राइचर्च कॉलेज से रेगुलर ग्रेजुएशन बी0एस0सी0 मैथ वर्ष 1990,1991,1992 करता रहा इस दौरान उसने केस्को में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का वेतन भी केस्को से लेता रहा
केस्को में बाबू पद पर रहे विजय त्रिपाठी के जालसाज पिता आर एम त्रिपाठी ने केस्को पर ही 1995 में मुकदमा संख्या 208/1995 लेबरकोर्ट कानपुर में यह कहकर दर्ज करवा दिया किउनके पुत्र विजय त्रिपाठी से बाबू का काम लिया जा रहा है उसे बाबू का पद नाम व वेतनमान दिया जाए
जब लेबरकोर्ट ने विजय त्रिपाठी की शैक्षिक योग्यता के संबंध में शपथ-पत्र माँगा तो जालसाज पिता पुत्र ने फर्जी शपथ-पत्र देकर बताया कि विजय त्रिपाठी की 1995 में शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट विज्ञान सेकेंड डिवीजन है जबकि वो 1992 में ही ग्रेजुएट क्राइचर्च कॉलेज से हो चुका था चूँकि विजय त्रिपाठी यदि ग्रेजुएशन दिखाता तो मुकदमा हार जाता इसलिए दोनों जालसाज पिता पुत्र ने लेबरकोर्ट को फर्जी हलफनामा देकर ग्रेजुएशन की बात छुपा ली
मामला 1998 में हाईकोर्ट इलाहाबाद के समक्ष पहुँचा वहाँ पर भी पिता पुत्र ने हाइकोर्ट इलाहाबाद को भी फर्जी हलफनामा देकर 1998 में भी यही बताया कि उनकी शैक्षिक योग्यता अभी तक इंटरमीडिएट विज्ञान सेकेंड डिवीजन है
मामले में केस्को महामंत्री दिनेश सिंह भोले ने चेयरमैन यूपीपीसीएल आशीष कुमार गोयल से शिकायत कर बताया कि विजय त्रिपाठी पुत्र आर0 एम0 त्रिपाठी वर्ष 1992 में रोल नंबर 50373 क्राइचर्च कॉलेज से ग्रेजुएट है इनकी मार्कशीट छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के एसएससी सेल की हेड अंजली मौर्या के अधीन रखी हुई है
चूँकि मामला पुराना है इसलिए क्राइचर्च कॉलेज के प्राचार्य ने यह बताया था कि उनके पास गजट पेपर रिकॉर्ड की अनुपलब्धता है रिकॉर्ड कानपुर यूनिवर्सिटी से देखा जा सकता है
मामले में केस्को महामंत्री दिनेश सिंह भोले ने जाँच अधिकारी मुख्य अभियंता हाइडिल उत्तम कुमार सक्सेना से अनुरोध किया है कि वो कानपुर यूनिवर्सिटी से वैरीफिकेशन करा लें
