कानपुर
भ्रष्टाचार को लेकर आये दिन सुर्खियां बटोर रही बिल्हौर तहसील।
बिल्हौर तहसील प्रशासनिक अफसरों की तानाशाही के खिलाफ डेढ़ माह से धरने पर डटे किसान।
पट्टा आराजी को संक्रमणीय न करने के चलते आंदोलन पर है किसान।
भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष समेत सैकड़ो पुरुष व महिला किसान मौके पर आंदोलनरत।
तहसील प्रशासन पर पेयजल, प्रकाश और शौच व्यवस्थाए बिगाड़ने का आरोप।
किसान यूनियन द्वारा कई बार जमीनों को संक्रमणीय दर्ज करने की लगाई जा चुकी है गुहार।
आश्वासन पर आश्वासन के बावजूद नहीं रेंगी कार्रवाई तो एक सप्ताह से भूख हड़ताल पर है किसान।
पट्टा पत्रावली गायब होने के चलते संक्रमणीय भूमधरी के लाभ से महरूम हो रहे है किसान।
भीषण गर्मी मे भूख हड़ताल पर बैठे किसानो का बिगड़ा स्वास्थ्य दो की हालत हुई गंभीर।
मौके पर पहुंची डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद दो किसानो को किया जिला अस्पताल रेफर।
आंदोलनरत किसानो के बिगड़े स्वास्थ्य की सूचना पर मौके पर पहुंचे पुलिस प्रशासन व एसडीएम बिल्हौर से हुई तीखी बहस।
प्रशासनिक अधिकारियो के जल्द से जल्द जांच कराने की बात पर भूख हड़ताल ख़त्म करने को राजी हुए किसान।
बिल्हौर कोतवाल व एसडीएम ने मैंगो जूस पिलाकर ख़त्म कराई भूख हड़ताल।
किसान नेता अनंत अवस्थी बोले जब तक न्याय नही मिलेगा धरना यू ही जारी रहेगा भूख हड़ताल ख़त्म की है धरना नही वो भी 30 तारीख तक जिसके पश्चात पुनः किसान भूखहड़ताल पर बैठेंगे।
