*ज्येष्ठ माह के मंगलवार*

*चौथा बड़ा मंगल आज 3 जून को*

प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह के समस्त मंगलवारों को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। धार्मिक दृश्टिकोण से ये सभी दिन बहुत पावन और महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस वर्ष का चौथा और अन्तिम बड़ा मंगल आज 3 जून को है।

 

बड़ा या बुढ़वा मंगल से जुड़ी हुई महाभारत और रामायण काल की कुछ पौराणिक कथाएं हैं। ऐसी एक कथा के अनुसार, एक बार भीम को अपने बल पर बहुत घमंड हो गया था। तब वहां हनुमानजी ने एक बूढ़े वानर का रूप धरकर भीम का घमण्ड चूर-चूर कर दिया था। माना जाता है कि इस घटना के दिन बड़ा मंगल था। इस घटना से भीम को यह सीख मिली कि कभी भी अपने बल या अपनी शक्ति पर घंमड नहीं करना चाहिए। यह आवश्यक है कि बलशाली या शक्तिशाली व्यकि विनम्र भी हो।

 

एक अन्य कथा के अनुसार, उस दिन भी ज्येष्ठ मास का एक मंगलवार था जब हनुमानजी माता सीता की खोज में लंका पहुंचे थे। सीताजी को ढूंढने और उनसे मिलने में सफलता प्राप्त करने के बाद, हनुमान जी ने लंका-दहन कर रावण का घमंड चकनाचूर कर दिया था। एक अन्य कथा यह भी है कि ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ही हनुमान जी की श्रीराम से पहली बार भेंट हुई थी।

 

बड़ा या बुढ़वा मंगल के दिन हनुमान जी की, विषेषकर उनके वृद्ध स्वरुप की, पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और श्री रामचरितमानस के सुंदरकांड का पाठ करना अत्यन्त शुभ और लाभप्रद माना जाता है।

 

जय सियाराम। जय हनुमान।

चौथे बड़े मंगल की हार्दिक शुभकामनाएं।

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