हम गुलामे साबिर है। क्यो डरे जमाने से सिलसिला हमारा है

 

कानपुर, बाबा के दरबार में लोग आते हैं मुरादे मानते हैं मन्नते पूरी होने पर गागर चढ़ाते हैं सदियों से चलती आ रही है प्रथा समाज के सभी जाति समुदाय के लोग बड़े ही अदब और एहतराम के साथ गोदनी साहब बाबा का उर्स में शिरकत करते हैं हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बड़े ही धूमधाम से अन्जुमन मोहिब्बाने गोंदनी शाह कमेटी द्वारा बजरिया थाना के निकट स्थित नगर निगम कब्रिस्तान में गोंदनी शाह बाबा का उर्स बड़ी धूमधाम से मनाया गया जिसमें ईद मिलादुन नबी, नतियां मुशायरा तथा कव्वाली का आयोजन हुआ जिसमें कव्वाल शहजाद ताज ने बाबा की शान में कलाम पेश किया ।हम गुलामे साबिर है। क्यो डरे जमाने से सिलसिला हमारा है। राशिद के घराने से सुबह से फातिया पढ़ने वालों की भीड़ लगी रही ।बाबा के आस्ताने पर बहुत सी मन्नतें मांगी जाती हैं सबसे अधिक गागर की मन्नत होती है एक गागर उठाई जाती है और पांच गागर मन्नत पूरी होने पर चढ़ाई जाती है जिसमें बहुत दूर दूर से आकर लोग बाबा के दरबार में माथा टेकते हैं और कौमी एकता का संदेश देते हैं बाबा की मजार पर बीमारों को भी शिफा मिलती है सभी धर्मों के लोग उर्स में आते हैं।कुल शरीफ में मौलाना शाह आलम बरकाती ने देश में अमन और तरक्की के लिए दुआ की। उर्स धूमधाम से मनाने के लिए काफी बेहतर तैयारी की गई ।उर्स की परम्परा स्वर्गीय मकबूल हसन ने की थी ।उर्स में आये हुये अतिथियों का स्वागत महफूज सिद्दीकी ने किया।अब्दुल समद,मुमताज हसन,इसरार राजा,मो० जफर, शाहिद, वाहिद,सन्नू,शाहनवाज,जाकिर,ताज हसन सिद्दीकी, रिंकू, इम्तियाज,मो० मोनिस आदि थे ।

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