*गुप्ता ब्रदर्स ने IIT कानपुर के गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी में की समर्पित ईडब्ल्यूएस वार्ड की स्थापना*

*कानपुर, 14 अगस्त 2025:* IIT कानपुर से जुड़े गुप्ता परिवार ने एक भावुक और सराहनीय कदम उठाते हुए गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी (GSMST) में ज़रूरतमंद मरीजों के लिए एक खास 8-बेड वाला वार्ड बनवाया है। यह वार्ड आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के मरीजों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस काम के लिए परिवार ने IIT कानपुर फाउंडेशन (एक अमेरिका में स्थित गैर-लाभकारी संस्था) के ज़रिए आर्थिक मदद दी है।

इस योगदान के पीछे एक भावनात्मक जुड़ाव भी है। मनोज गुप्ता और नीरज गुप्ता, जो अमेरिका में ओपलैसेंट आईटी सॉल्यूशंस इंक. नाम की कंपनी चलाते हैं, अपने पिता स्वर्गीय श्री एम.सी. गुप्ता की याद में यह काम कर रहे हैं। श्री गुप्ता ने 1961 से 1997 तक IIT कानपुर में अधीक्षक के तौर पर काम किया था और उन्हें 1987 में ‘लंबी और संतोषजनक सेवा पुरस्कार’ भी मिला था। यह नया वार्ड उनके माता-पिता श्रीमती रुकमणि गुप्ता और श्री एम.सी. गुप्ता की याद में बनाया गया है और इसे “ईडब्ल्यूएस बे/वार्ड” नाम दिया गया है।

IIT कानपुर के *निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल* ने इस पहल के लिए धन्यवाद देते हुए कहा, “गंगवाल मेडिकल स्कूल भारत में हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी में बदलाव लाने की हमारी कोशिश का हिस्सा है। ऐसे योगदान से हम एक समावेशी और बेहतर स्वास्थ्य सेवा सिस्टम बना पाएंगे। हम गुप्ता परिवार के इस नेक इरादे और भावनात्मक जुड़ाव के लिए बेहद आभारी हैं।”

मनोज गुप्ता ने कहा, “हमारे पिता ने अपना जीवन इस संस्थान को दिया। यह योगदान उनके सम्मान में है और साथ ही उन मूल्यों की झलक भी देता है जो उन्होंने हमें सिखाए – समाज की सेवा और ज़रूरतमंदों की मदद करना।”

ओपलैसेंट आईटी सॉल्यूशंस इंक. एक अमेरिका स्थित कंपनी है जो छोटे और मध्यम बिज़नेस को कानूनी सलाह, डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय सहायता जैसी सेवाएं देती है। कंपनी के दोनों संस्थापक, मनोज और नीरज, सामाजिक सेवा में विश्वास रखते हैं और यह योगदान उसी सोच का हिस्सा है।

आईआईटी कानपुर के डीन (संसाधन एवं पूर्व छात्र) *प्रो. अमेय करकरे* ने भी इस योगदान की सराहना करते हुए कहा, “यह देखना बहुत खास है कि एक पूर्व कर्मचारी के बच्चे संस्थान से अपने जुड़ाव को इस तरह निभा रहे हैं। यह सहयोग हमारी समावेशी स्वास्थ्य सेवा की सोच को मजबूत करता है।”

गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी IIT कानपुर की एक बड़ी पहल है, जिसका मकसद मेडिकल रिसर्च, इनोवेशन और मरीजों की देखभाल के लिए एक वर्ल्ड-क्लास सेंटर बनाना है। इसके लिए संस्थान पूर्व छात्रों, कंपनियों और समाजसेवियों से लगातार सहयोग ले रहा है।

यह पहली बार है जब किसी पूर्व कर्मचारी के बच्चों ने इस स्तर का योगदान दिया है। यह IIT कानपुर की विरासत और प्रभाव को दर्शाता है, जो सिर्फ छात्रों तक ही नहीं, उनके परिवारों तक भी फैला हुआ है। गुप्ता परिवार का यह कदम हमें याद दिलाता है कि जब दिल से मदद की जाती है, तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

*आईआईटी कानपुर के बारे में:*

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर की स्थापना 1959 में हुई थी। इसे भारत सरकार ने संसद के एक कानून के जरिए “राष्ट्रीय महत्व का संस्थान” घोषित किया है। विज्ञान और इंजीनियरिंग की शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए जाना जाने वाला IIT कानपुर कई दशकों से अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इसका विशाल और हरा-भरा परिसर 1,050 एकड़ में फैला हुआ है, जहां कई अकादमिक और अनुसंधान संसाधन मौजूद हैं। संस्थान में 19 विभाग, 26 केंद्र, तीन अंतरविषयक प्रोग्राम और तीन विशेष स्कूल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं। यहाँ 590 से ज्यादा पूर्णकालिक शिक्षक और 9,500 से अधिक छात्र पढ़ते हैं। IIT कानपुर नवाचार और शैक्षिक गुणवत्ता को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख संस्थान बना हुआ है।

*अधिक जानकारी के लिए देखें:* www.iitk.ac.in

*मीडिया संपर्क:*

स्वेता भारती: +91-8294015480 | sweta.bharti@adfactorspr.com
सलोनी नागरकट्टी: +91-8971755902 | saloni.nagarkatti@adfactorspr.com
प्रिया सिंह: +91-9599715781 | priyas@iitk.ac.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *