उच्च शिक्षा के लिए इमाम जाफर सादिक को आदर्श बनाएं मुस्लिम युवा,इस्लाम महिला शिक्षा का समर्थक है:सूफ़ी कौसर मजीदी।

 

कानपुर। नगर के मसवानपुर क्षेत्र में, सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन कानपुर मंडल महासचिव,सूफ़ी आशिक बाबा मलंग उर्फ छोटू बाबा के संयोजन में सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन उत्तर प्रदेश इकाई द्वारा छठे इमाम हजरत इमाम जाफर सादिक अलैहिस्सलाम के यौमे विलादत पर “हजरत इमाम जाफर और आधुनिक शिक्षा” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया,जिसकी सदारत सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और दरगाह शरीफ हजरत सय्यद सामान अली शाह मलंग मदारी रहमतुल्लाह अलैह बारा बड़ा तकिया अकबरपुर कानपुर देहात के सज्जादा नशीन सूफ़ी शाह सय्यद जियारत अली हक्कानी मलंग ने की,सेमिनार में मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए सूफी खानकाह एसोसिएशन राष्ट्रीय अध्यक्ष सूफी मोहम्मद कौसर हसन मजीदी ने कहा कि युवाओं को खास तौर से मुस्लिम युवाओं को छठे इमाम हजरत इमाम जाफर सादिक से प्रेरणा लेने की जरूरत है, उन्होंने कहा कि हजरत इमाम जाफर सादिक वो पहले इंसान हैं जो एक वक्त में मदीना में बनाई अपनी यूनिवर्सिटी में दो हजार छात्रों को चार सौ तरह के इल्म सिखाते थे, उन्होंने कहा कि हम अहले सुन्नत वल जमात हैं,जो मसलक ए इमाम ए आज़म अबू हनीफा को मानते हैं,इसलिए कि उन्होंने खुद कहा कि अगर मुझे इमाम जाफर का दो साल का ज़माना नहीं मिलता तो वो हलाक हो जाता, उन्होंने कहा कि आप इस बात पर गौर नहीं करते कि इमाम आजम अबू हनीफा जिनका असली नाम नोमान बिन साबित था,और हनीफा उनकी बेटी और वो दुनिया में अपनी बेटी के नाम से मशहूर हुए,क्योंकि उनकी बेटी ने ऐसा इल्मी काम किया जो बड़े बड़े नहीं कर पाए, उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि इस्लाम किसी भी तरह से महिला शिक्षा का विरोध नहीं करता, उन्होंने कहा कि हम अपनी मां बहनों और भाइयों से उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश को आगे बढ़ाने की अपील करते हैं, उन्होंने कहा कि हमारा देश भारत हमारे लिए सब कुछ है,और हम नबी के मानने वाले हैं इसलिए दुनिया भर को मोहब्बत का पैगाम देने की जरूरत है।

इस मौके पर बोलते हुए सूफी खानकाह एसोसिएशन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सूफ़ी शाह सय्यद जियारत अली हक्कानी मलंग ने कहा कि मुल्क को मजबूत बनाने के लिए हिंदू मुस्लिम भाईचारे की जरूरत है,हमें सूफियों के इस मिशन को आगे बढ़ाना है जिससे गंगा जमुनी तहजीब मजबूत होती है, उन्होंने आगाह किया कि कुछ मौलवी नुमा तिहाड़ी जो अपनी रोजी रोटी के लिए आवाम ए अहले सुन्नत को बदनाम कर रहे हैं उनसे होशियार रहें, उन्होंने कहा कि ये वो दलाल हैं जो पहले सूफ़ी दरगाहों की जायदाद हड़पते थे और अब ये उनकी गोद में जा चुके हैं जो भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त आतंकियों के एजेंट हैं।

मिर्जापुर से आए सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य अल्लामा मौलाना अबरार हुसैन वारसी ने कहा कि सूफियों ने खुद को जलाकर ज़माने को रोशनी दी है, उन्होंने कहा कि हम नबी और आले नबी के इश्क में जलने वाले लोग किसी की जलाते नहीं बल्कि जलन पर मरहम लगाते हैं वहीं मरहम जो देवा के शाह सय्यद वारिस अली शाह ने दिया,इस मौके पर खादिम ए आला दरगाह सामानिया हाफिज व कारी अब्दुल रहीम मासूमी,मौलाना दिलदार हुसैन,हाफिज गुलाम वारिस मासूमी मदारी ने खिताब किया,सज्जादा नशीन दरगाह मकनपुर शरीफ,और सूफ़ी खानकाह एसोसिएशन यूथ विंग प्रदेश प्रवक्ता अली शब्बीर जाफरी मदारी और नूर आलम मदारी ने मंजूम खिराज ए अकीदत पेश किया,इस मौके पर चमन कानपुर,सलमान वारसी,शाबान वारसी सहित सैंकड़ों लोग मौजूद रहे।

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